राष्ट्रीय लोक अदालत : राजीनामें से 379 प्रकरणों का हुआ निस्तारण
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर के तत्वाधान में शनिवार को इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसके संदर्भ में नीतू एसीजेएम क्रम-01, श्रीमाधोपुर ने बताया कि श्रीमाधोपुर न्यायक्षेत्र में 03 राष्ट्रीय लोक अदालत बैंचों का गठन किया गया हैं जिसमें बैंच संख्या 01 व 02 श्रीमाधोपुर न्यायालय परिसर एवं बैंच संख्या 03 खण्डेला न्यायालय परिसर में प्रात: 10 बजे से सायं 05 बजे तक प्रकरणों की सुनवाई की गयी। जिसमें श्रीमाधोपुर तालुका स्थित न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य सिविल, फौजदारी प्रकरणों, एमएसीटी पारिवारिक न्यायालय, घरेलू हिंसा, 138 एनआई एक्ट एवं प्री-लिटिगेशन (बैंक, बीमा कम्पनियों एवं बीएसएनएल) आदि के कुल 2431 प्रकरण चिन्हित में सुनवायी की गयी। जिसमें कुल 379 प्रकरणों का निस्तारण एवं राशि 5 करोड़ 54 लाख 03 हजार 109 रुपये के अवार्ड पारित किये गया। जिनमें न्यायालयों में लंबित 303 प्रकरण एवं प्री-लिटिगेशन के 76 प्रकरणों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत राजीनामा के माध्यम से किया गया। इस दौरान अपर जिला एवं सेशन न्यायालय, श्रीमाधोपुर में लंबित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 19 प्रकरणों का निस्तारण किया गया जिनमें 1,47,30,000 1 करोड़ 47 लाख 30 हजार रूपये के अवार्ड पारित किये गये एवं 18 पारिवारिक प्रकरणों का निस्तारण लोक अदालत की भावना से किया गया। इस मौके पर बैंच अध्यक्ष नीतू एसीजेएम क्रम-01, श्रीमाधोपुर बैंच संख्या 01 व राकेश चौधरी अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट बैंच संख्या 02 तथा सदस्य अधिवक्ता भारत भूषण सामोता एवं सुनिल कुमार शर्मा खाकीवाला, बैंक, वित्तीय संस्थानों आदि के अधिकारी व कर्मचारी तथा न्यायालय कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण तथा काफी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहें। लोक अदालत में निस्तारित प्रकरण की कोई अपील नहीं होती है एवं न्यायालय द्वारा कोर्ट फीस भी लौटाई जाती हैं। साथ ही लोक अदालत ना किसी की जीत ना किसी की हार के सिद्धान्त पर कार्य करती हैं।