87 वर्षीय महिला ने किए अपने नेत्रदान
निसं
बीदासर (नवयत्न)। कस्बे में पहली बार नेत्रदान हुआ। 87 वर्षीय संथारा साधिका किरण देवी सुराणा के संथारा पूर्वक देवलोकगमन के बाद परिजनों ने नेत्रदान की स्वीकृति देकर अनुकरणीय पहल की। तेरापंथ युवक परिषद, बीदासर की प्रेरणा से हुए इस नेत्रदान से किसी दृष्टिहीन के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। किरण देवी ने संलेखना संथारे के 72वें और तिविहार संथारे के 50वें दिन संथारा पूर्वक देवलोकगमन किया। इसके बाद उनके बेटे नरेश सुराणा, बेटी बरखा पुगलिया सहित समस्त सुराणा परिवार ने नेत्रदान के लिए सहमति दी। सरदारशहर से पहुंची नेत्रदान टीम ने प्रक्रिया संपन्न करवाई। इस दौरान तेरापंथ युवक परिषद के अध्यक्ष चिराग बेंगानी, मंत्री रोहित बछावत, कोषाध्यक्ष आलोक छाजेड़, एबीटीवाईपी समिति सदस्य पारस बैद और नेत्रदान प्रभारी लोकेश सेठिया मौजूद रहे। तेयुप के नेत्रदान प्रभारी रितिक बोथरा ने बताया कि यह बीदासर का पहला नेत्रदान है।