राजगढ़: थानाधिकारी विष्णुदत्त आत्महत्या प्रकरण के बाद गर्माई शेखावाटी की राजनीति

भाई को सौंपी बच्चों के सपने पूरे करने की जिम्मेदारी

जयपुर, 23 मई। चूरू जिले के राजगढ़ थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई के आत्महत्या के बाद तूल पकड़ते मामले के दम पर शेखावाटी की राजनीति गर्मा गई है। राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जनता के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

सांसद राहुल कस्वा, बीकानेर रेंज आईजी जोस मोहन, कलक्टर संदेश नायक व एसपी तेजस्वीनि गौतम ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष व चूरू से भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौड़ मामले की न्यायिक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। उधर राजगढ़ के पूर्व विधायक मनोज न्यांगली व पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां ने धरना शुरू कर दिया है। फिलहाल समाचार लिखे जाने तक थाने के सामने आक्रोशित आमजन व जनप्रतिनिधियों की भीड़ मौजूद थी।

वाट्सएप ग्रुप पर वायरल हुई थानाधिकारी की चेटिंग
थानाधिकारी की मौत से पहले पुलिस अधिकारी साथी से हुई वाट्सएप चेटिंग भी वायरल हो रही है। उनकी मौत के बाद सामने आए वाट्सएप चेटिंग स्क्रीन शॉट के मुताबिक वे गंदी राजनीति व अनावश्यक दबाव से परेशान थे। हालांकि हिन्द 24 न्यूज वेबसाइट इस चेटिंग की वैधता की पुष्टि नहीं करता है।

chetaing

स्थानीय नेता तबादले के लिए कर रहे थे झूठी शिकायतें
चूरू विधायक राजेंद्र राठौड़ ने विडियो जारी कर थानाधिकारी विष्णुदत्त की मौत पर संवेदना जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय राजनेता उनके तबादले के लिए झूठी शिकायतेें कर रहे थे। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए इस आत्महत्या को पुलिस महकमे के मुंह पर तमाचा बताया। उन्होंने विश्नोई पर दबाव बनाने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम उजागर करने की भी मांग की।

बेनीवाल ने साधा सीएम गहलोत पर निशाना
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि राजगढ़ की घटना राज्य सरकार के सिस्टम पर सवालिया निशान लगा रही है। उन्होंने ट्वीट के जरिए सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा है कि मामले की सीबीआई जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने गृह विभाग से भी इस पर व्क्तव्य जारी करने की मांग की। उधर नोखा विधायक बिहारीलाल विश्नोई ने कहा की थानाधिकारी विष्णुदत्त दबंग व कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे।

राजनीतिक दबाव में सुसाइड करने का आरोप
राजगढ़ के पूर्व विधायक मनोज न्यांगली ने घटना को लेकर थाने में धरना शुरू कर दिया। इस दौरान आक्रोशित न्यांगली ने आरोप लगाते हुए कहा कि विष्णुदत्त विश्नोई को राजनीतिक दबाववश मजबूरन आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। उधर पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां व जिप सदस्य भी धरने पर बैठ गए। तारानगर विधायक नरेंद्र बुडानिया ने भी घटना पर दुख जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई है।

भाई को सौंपी बच्चों के सपने पूरे करने की जिम्मेदारी
शनिवार सुबह थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई का शव उनके क्वार्टर में फंदे पर झूलता मिला। उन्होंने शुक्रवार देर रात किसी समय आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बीकानेर रेंज आईजी जोस मोहन ने सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि कर कहा कि सुसाइड नोट में मर्जी से आत्महत्या करना बताया गया है। इसमें विश्नोई ने खुद को परेशान बताते हुए लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। माता-पिता आपको छोड़ कर जा रहा हूं। उन्होंने अपने भाई को बच्चों के सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

You might also like