583 अभ्यर्थियों को सात सालों से नियुक्ति का इंतजार
वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2013
चूरू,(पीयूष शर्मा)29 मई। राज्य सरकार की ओर से निकाली गई वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2013 के 583 अभ्यर्थियों को आज भी नियुक्ति का इंतजार है।
गौरतलब है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से उक्त परीक्षा का परिणाम सितंबर 2014 में जारी किया गया था। उस समय कुछ प्रश्नों को लेकर हुए विवाद के बाद अभ्यर्थियों ने दिसंबर 2014 में राजस्थान उच्च न्यायालय में रिट दायर की थी। 24 सितंबर 2015 को अभ्यर्थियों के पक्ष में न्यायालय का फैसला होने के बावजूद आरपीएससी इस फैसले को सुनवाई के लिए डीबी में ले गई। मगर 27 अक्टूबर 2016 को दुबारा फैसला अभ्यर्थियों के पक्ष में हुआ। आरपीएससी इस फैसले को चैलेंज करने के लिए उच्चतम न्यायालय गई। उच्चतम न्यायालय का फैसला भी अभ्यर्थियों के पक्ष में हुआ। उच्चतम न्यायालय ने 12 जुलाई 2018 को राजस्थान लोक सेवा आयोग को सभी विषयों का दोबारा परिणाम जारी करने का आदेश दिया था। जिस पर आयोग ने नौ माद मार्च-अपे्रल 2019 में सभी विषयों का दोबारा परिणाम घोषित कर दिया। जिसमें सफल रहे 583 नए अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। बाद में आयोग ने जून-जुलाई 2019 में 583 नए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर शिक्षा निदेशालय बीकानेर को भिजवा दिए।
शिक्षा मंत्री दे चुके नियुक्ति फाइल को अनुमति
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पांच सितंबर 2019 को नियुक्ति फाइल को अनुमति दे चुके हैं। इसके बावजूद अब एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई है। सचिवालय व निदेशालय के चक्कर लगाकर थक चुके अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय बीकानेर के आगे 2 दिसंबर 2019 को शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन शुरू किया। 110 दिन धरने के बावजूद अब तक नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। अभ्यर्थी अब तक सीएम अशोक गहलोत व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट व शिक्षा मंत्री डोटासरा को ज्ञापन दे चुके हैं। मगर सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला है।
ट्विटर पर चलाया अभियान
सात साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे चूरू, सीकर व झुंझुनू के अभ्यर्थी कृष्ण इसराण, ओमप्रकाश सालासर, शाहिद खान, संजीव जाखड़ आदि ने समाजसेवी रेखाराम खीचड़ (पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी), सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद भांभू, राजस्थान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष उपेन यादव उपाध्यक्ष मुकेश बेनीवाल के सहयोग से राज्यभर में ट्विटर पर अभियान शुरू किया है।