जिला कलेक्टर सुराणा ने प्रेस वार्ता कर जिले में गैस सिलेंडर आपूर्ति व्यवस्थाओं की दी जानकारी

गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी एवं अवैध रीफिलिंग

नवरतन प्रजापत

चूरू (नवयत्न) । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार चूरू जिले में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने आज जिला कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता को संबोधित कर जिले में एलपीजी गैस सिलेंडर आपूर्ति की जानकारी दी।

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने कहा कि जिले में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के माध्यम से घरेलू एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उपभोक्ताओं को समय पर घरेलू एलपीजी गैस उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन सतर्क है। जिले में चिकित्सीय, शैक्षणिक व राजकीय संस्थानों में निर्बाध गैस सिलेंडर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में वर्तमान में करीब 05 लाख 14 हजार 654 एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें 05 लाख 13 हजार 951 घरेलू उपभोक्ता व 1063 वाणिज्यिक उपभोक्ता हैं। जिले में 23 इंडियन ऑयल, 12 भारत पेट्रोलियम व 08 हिंदुस्तान पेट्रोलियम सहित कुल 43 एजेंसियां संचालित हैं। घरेलू गैस सिलेंडर का वर्तमान मूल्य 929.50 रुपये है। इसी क्रम में जिले में 04 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं और उनकी दैनिक खपत 6000 किलोग्राम है। वर्तमान में कंपनियों के पास 26456 किलोग्राम गैस स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए सीएनजी की उपलब्धता भी पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त है।

उन्होंने बताया कि जिले में ऑयल कंपनियों द्वारा एलपीजी की आपूर्ति के परिप्रेक्ष्य में जिला नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले में जिला सतर्कता यूनिट द्वारा गैस एजेंसियों एवं बॉटलिंग प्लांट का भौतिक निरीक्षण कर सतत गैस आपूर्ति हेतु निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ एलपीजी वाहनों के सुगम परिवहन हेतु पुलिस व प्रशासन के सहयोग से ग्रीन कोरिडोर स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को आवश्यकतानुसार निर्धारित समयावधि (25 दिन) के भीतर गैस सिलेंडर की बुकिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में गैस के पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा कालाबाजारी के अंकुश के लिए टीमें गठित की गई है। प्रवर्तन निरीक्षक, पुलिस थानाधिकारी व तहसीलदार की संयुक्त टीमें गठित कर घरेलू गैस सिलेंडरों के वाणिज्यिक उपयोग, अवैध भंडारण व रीफिलिंग गतिविधियों तथा कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखते हुए नियमित निरीक्षण व कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति का विनियमन एवं वितरण आदेश 2000 की सुसंगत धाराओं व नियमों तथा संबंधित नियंत्रण आदेशों के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला कलक्टर ने बताया कि ऑयल कंपनियों द्वारा आवश्यक कदम उठाते हुए घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति 25 दिवस के अंतराल पर ​उपभोक्ता के घरों पर ही किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही आपूर्ति आधार जनित ओटीपी तथा डिजीटल बुकिंग एंड डिलीवरी आथेंटिकेशन कोड द्वारा की जा रही है। ऑयल कंपनियों को पूर्ण निगरानी रखने तथा वैध पंजीकृत उपभोक्ताओं को ही आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला कलक्टर सुराणा ने जिलेवासियों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों के आधार पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। आमजन से भी पैनिक बुकिंग नहीं करें तथा घरेलू गैस का अनावश्यक भंडारण नहीं करें। गैस के उपयोग में मितव्ययता बरतें तथा सोलर कुकर, इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हा आदि वैकल्पिक ईंधन साधनों का भी उपयोग करें।

उन्होंने अपील की है कि आमजन घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग, रीफिलिंग या कालाबाजारी की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध गतिविधि की सूचना मिले तो तुरंत उपभोक्ता मामलात विभाग की हेल्पलाइन नंबर 14435, संपर्क हेल्पलाइन नंबर 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 अथवा जिला कंट्रोल रूम नंबर 01562-250927 पर संपर्क कर सूचना दें।

इस दौरान एडीएम अर्पिता सोनी, डीएसओ अंशु तिवाड़ी, प्रवर्तन निरीक्षक संपत कुमार, वसीम सहित मीडियाकर्मी मौजूद रहे।

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