99 के फेर में फंसी नगर पालिका

 

रमेश शर्मा
मलसीसर (नवयत्न)। कस्बे में नगर पालिका के द्वारा किए जा रहे सभी कार्यों के बजट का आंकड़ा 99 हजार पर जाकर अटक जाता है पालिका में जो भी कार्यों के बिल पास होते हैं वह अक्सर 99वें हजार के नीचे ही रहता है। कस्बे के विजय प्रकाश व अब्बास सिरोहा के अनुसार एक लाख या इससे अधिक का भुगतान करने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के हस्ताक्षर की आवश्यकता होती है। इसीलिए नगर पालिका में जो भी कार्य हो रहा है उनका भुगतान 80हजार रूपये से लेकर 95,96, 97,98 या 99 हजार रूपये के बिल से किया जा रहा है ताकि पालिका अध्यक्ष को इससे विषय में पता नहीं चल पाए। क्योंकि दिसंबर 2025 से लेकर फरवरी 2026 तक ऐसे ही बिल बनाकर भुगतान किया गया है जो संदेह के घेरे में आते हैं। इस समय नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर उपखंड अधिकारी मलसीसर प्रशासक के रूप में कार्यरत है।

 

गुपचुप में अपने चहेतों के नाम निकाले जा रहे टेंडर
नगर पालिका में सभी कार्यों के लिए टेंडर निकालने का समय सात दिवस का रहता है जबकि नगर पालिका के द्वारा तीन दिवस के अंदर गुपचुप में टेंडर निकाल दिए जाते हैं कहीं भी इसकी जानकारी नहीं दी जाती। ना तो न्यूज़ पेपर में जानकारी दी जा रही है और ना ही कस्बे में कहीं टेंडर के लिए पोस्टर चस्पा किया जा रहा है। नगर पालिका ईओ के द्वारा अपने चहेतो के नाम टेंडर निकालने का आरोप भी कस्बे के ठेकेदारों द्वारा लगाया जा रहा है।जानकारी के अनुसार सीईओ ने अपने ड्राइवर के नाम भी टेंडर निकाल रखा है।

इनका कहना है:
गांव मे कई जगह जल भराव की समस्या सामने आ रही है रोज सोशल मीडिया के माध्यम से खबर आती है इसके बावजूद लाखों रुपए गन्दे पानी की निकासी के नाम पर डीजल पर खर्च दिखाया जा रहा है। लेकिन जल भराव की समस्या वैसी की वैसी है तो फिर यह डीजल खप्त कहां हो रहा है।
विनोद खाटीवाल ग्रामीण

नगर पालिका के द्वारा कई टेंडर निकाले गए लेकिन स्थानीय ठेकेदारों को किसी टेंडर का पता भी नहीं चला जो अन्यायपूर्ण है। क्योंकि टेंडर निकाले जाने की कहीं भी सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी नहीं दी गई।लाइट रिपेयर का टेंडर देने के बावजूद कस्बे के मुख्य रास्तों पर लाइट बंद पड़ी।
अरुण कौशिक ग्रामीण

अभी इस मामले में कोई जानकारी नहीं है मै स्वयं इसकी जांच करूंगी। कहीं भी कोई गड़बड़ पाई जाती है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।

सुमन चौधरी, मलसीसर उपखंड अधिकारी

नगर पालिका में पहले जैसे बिल उठाए जा रहे थे वैसे ही अब उठाए जा रहे है। सफाई व रूटीन के कार्यों के लिए तो खर्चा लगता ही है। मेरी तो अब आईडी मेप हुई है मेरे आने के बाद ही अकाउंट ओपन हुआ है लेकिन अब प्रक्रिया चालू कर दी गई है अब ऐसी दिक्कत नहीं आएगी। ओर टेंडर के लिए हमारे द्वारा कोई सूचना नहीं दी जाती है टेंडर ऑनलाइन निकलते हैं वहीं से पता लगाना पड़ता है। डीएलबी द्वारा राजस्थान संवाद में सूचना दी जाती है हम कोई प्रचार प्रसार नहीं करते हैं।

नेहा झाझड़िया ईओ नगर पालिका मलसीसर

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