नवविवाहिताओ ने माली की बाड़ी में जाकर अपनी सहेलियों के साथ मिलकर बनाई गणगौर

गजेंद्र सिंह

सरदारशहर (नवयत्न)। होलीका दहन के दूसरे दिन शुरू हुआ गणगौर का पर्व अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और आज शाम को समापन हो जाएगा। गणगौर महोत्सव के अंतिम चरण में नवविवाहिताए अपनी सहेलियों के साथ मिलकर अपने मोहल्ले में स्थित माली की बाड़ी में पहुंची और वहां पर ईशर ओर गणगौर बनाई गई। उसके बाद नवयुवाहिताए सजी-धजी गणगौर को अपने सर पर लेकर मोहल्ले से होती हुई अपने घर पहुंची, जहां पर गणगौर का पूजन किया गया। इस अवसर पर वार्ड 16 में गणगौर पूजन कर रही नवविवाहिताए वर्षा जांगिड़, निकिता जांगिड़, ओर प्रियंका जांगिड़ आदि मोहल्ले में स्थित बाड़ी में पहुंची और वहां पर ईशर व गणगौर बनाई।

बाद में ईशर व गणगौर को सर पर धारण कर लोकगीत गाती हुई अपने घरों में पहुंची जहां पर गणगौर का पूजन किया गया। इस अवसर पर नवविवाहिता वर्षा जांगिड़ ने बताया कि गणगौर पर्व का नवविवाहिताओ के लिए एक अलग ही महत्व है। शादी के बाद नवविवाहिताए पहली गणगौर पर अपने पीहर में आकर अपनी सहेलियों के साथ गणगौर की पूजा करती है। नवविवाहिताए अपने सुहाग की लंबी उम्र और कन्याए अच्छा वर पाने के लिए गणगौर माता की पूजा करती है। युवती स्नेहा जांगिड़ ने बताया कि गणगौर और ईशर की पूजा शिव पार्वती के रूप में की जाती है। होली के दूसरे दिन होलिका दहन की मिट्टी से पिंड बनाकर शीतलाष्टमी तक सुबह पिंड की पूजा की जाती है, और शीतला अष्टमी के दिन कुम्हार के घर जाकर मिट्टी लाकर मिट्टी से गणगौर और ईशर बनाए जाते है, और फिर दोनों समय गणगौर की पूजा की जाती है। शाम के समय में घर-घर जाकर गणगौर माता की बिंदोरी निकाली जाती है।

इस दौरान शादी की तरह हल्दी मेहंदी आदि की रस्मे भी निभाई जाती है। युवती स्नेहा जांगिड़ ने बताया कि अब हम घर पर जाकर गणगौर की पूजा करेंगे और शाम को नजदीकी कुए पर जाकर गणगौर ईश्वर के फेरों की रस्म निभाई जाएगी और उसके बाद गणगौर का विसर्जन कर दिया जाएगा यानी गणगौर अपने ससुराल चली जाएगी। इस अवसर पर गणगौर पूजन कर रही युवति आरती राजपूत ने बताया कि हम भी गणगौर पूजन कर रहे हैं और गणगौर के इस त्यौहार का जमकर लुफ्त उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंवारी कन्या गणगौर माता का पूजन अच्छे वर और अच्छे ससुराल पाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि अब हम आयुष भी है क्योंकि इतने दिन तक चलाई यह त्यौहार समापन हो जाएगा और ससुराल सी आई नव विवाहिताएं अपने ससुराल चली जाएगी।

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