विश्व क्षय रोग दिवस पर जनजागरूकता रैली निकालकर दिया संदेश
सुरेंद्र शर्मा
सीकर (नवयत्न ) । विश्व क्षय रोग दिवस पर जिला मुख्यालय पर मंगलवार को जन जागरूकता रैली निकाली गई। रैली को प्रातः 9 बजे टीबी क्लीनिक, श्री कल्याण राजकीय चिकित्सालय परिसर में जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही जिले में 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान का शुभारम्भ हुआ।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने ज्यादा से ज्यादा जन जागरूकता व जन भागिदारी बढाकर टीबी रोग को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने 100 दिवसीय अभियान के दौरान जिले की समस्त ग्राम पंचायतों की वल्नरेबल आबादी की टीबी स्क्रीनिंग कर जॉंच करवाने के लिए प्रेरित किया। श्री कल्याण अस्पताल की अधीक्षक डॉ. प्रियंका अमन ने समय पर टीबी की जॉंच एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। लोगों को रोग के बारे मे जागरूक रहने, क्षय रोग के लक्षण पाये जाने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जॉंच करवाने करवाने का आग्रह किया।
रैली में स्वास्थ्य कर्मियों एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया। रैली में नर्सिंग विद्यार्थी हाथों में टीबी हारेगा, देश जितेगा जैसे नारे लिखी तख्तिंया व बैनर लेकर चल रह थ। रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए वापस श्री कल्याण अस्पताल पहुंचकर सम्पन्न हुई।
इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रतन लाल जाट, डॉ. सुरेश लाम्बा, डॉ. राकेश दानोदिया, डॉ. पी.आर. झारवाल, डॉ. कैलाश जाट, श्री विष्णु भारद्वाज, सुमन, मन्जु, राजेन्द्र सैनी, रामनिरंजन चौधरी, बीरबल सिंह अलोदा, जिला कार्यक्रम समन्वयक नरेन्द्र नागा, रोहित माथुर, नेमीचन्द भवरिया, अश्विनी पारीक, दीपेन्द्र माथुर, राजकुमार अटल, करनीराम चिराणियॉं, मुरारी लाल चौधरी, महावीर धींवा, रघुराज सिंह, सचिन माथुर, महिपाल सिंह, राहुल माथुर, अजीत चन्देलिया, प्रवीण महला, रामप्रकाश, गजानन्द सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
रैली शहर के प्रमुख मार्गाे से होते हुये पुनः अस्पताल परिसर में पहुंचने पर समस्त स्वास्थ्य कर्मियों को डॉ. रतन लाल जाट द्वारा टीबी रोग के बारे में तथ्य, बचाव, सावधानी, निदान, उपचार पर जानकारी दी गई। जिला क्षय रोग अधिकारी ने कहा की क्षय रोग पर नियन्त्रण पाने के लिए हम सभी को मिलकर युद्ध स्तर पर प्रयास करने होंगे तथा यह प्रयास अन्तिम रोगी को खोज कर, उसका ईलाज कर, ठीक करने तक जारी रखने होगें।