शैलेन्द्रनाथ बाबा को मानद उपाधि देने का विरोध तेज

सपना शर्मा
सीकर (नवयत्न)। शेखावाटी यूनिवर्सिटी के 28 मार्च को प्रस्तावित छठे दीक्षांत समारोह से पहले ही विवाद गहराता जा रहा है। दीक्षांत समारोह में मुकुंदगढ़ के संत शैलेन्द्रनाथ महाराज को मानद उपाधि देने के निर्णय का छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) द्वारा तीखा विरोध किया जा रहा है।

SFI के जिलाध्यक्ष महिपाल गुर्जर ने कहा कि जिन व्यक्तियों का समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान नहीं है, उन्हें मानद उपाधि देना विश्वविद्यालय की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दीक्षांत समारोह में शैलेन्द्रनाथ बाबा को आमंत्रित किया गया तो उग्र विरोध किया जाएगा। इकाई अध्यक्ष देवराज हुड्डा ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि शेखावाटी यूनिवर्सिटी को “मनमर्जी का अड्डा” नहीं बनने दिया जाएगा।

मानद उपाधि पर उठे सवाल

SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि विश्वविद्यालय की मानद उपाधि सर्वोच्च सम्मान होती है, जिसे योग्य और समाज में विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को ही दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शैलेन्द्रनाथ बाबा ने युवाओं और छात्रों के हित में कोई विशेष कार्य नहीं किया है। ऐसे में इस तरह उपाधियों का “रेवड़ी की तरह वितरण” किया जाना निंदनीय है।

पुतला दहन और प्रदर्शन

विरोध के तहत शुक्रवार को SFI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर कुलपति का पुतला दहन किया और नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। संगठन ने दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले ही प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो कार्यक्रम का विरोध तेज किया जाएगा।

प्रशासन पर दबाव बढ़ा

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल के चांसलर के रूप में शामिल होने की संभावना के बीच बढ़ते विरोध ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

छात्रों में आक्रोश

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एस एफ आई की जिला कमेटी, यूनिवर्सिटी विंग और छात्र समिति के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। विरोध प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

राज्यपाल बागडे करेंगे अध्यक्षता, 39 विद्यार्थियों को मिलेंगे गोल्ड मेडल व डिग्रियां

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के छठे दीक्षांत समारोह में 28 मार्च को तीन हस्तियों को पीएच.डी. की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। समारोह में 39 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और उपाधि दी जाएगी। इस अवसर पर दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘प्रत्युषा.2026’ का भी शुभारंभ होगा।

शेखावाटी विवि के कुलगुरु प्रो. अनिल कुमार राय ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल हरिभाऊ बागडे करेंगे। मुख्य अतिथि शिक्षाविद्, लेखक और पद्मश्री प्रो. जगमोहन सिंह राजपूत होंगे।

प्रो. राय ने बताया कि दीक्षांत समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के वाले महाराष्ट्र के रामचन्द्र नीलकंठ भोगले, पश्चिमी बंगाल के डॉ. धनपत राम अग्रवाल और झुंझुनूं, मुकंदगढ़ के शैलेंद्रनाथ अघोरी बाबा को पीएच.डी. मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

डिप्टी रजिस्ट्रार रामसिंह सरावग ने बताया कि इसमें 2024—2025 बैच के पीजी और यूजी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 39 विद्यार्थियों को उपाधि व गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। सत्र 2024-25 के दीक्षांत समारोह में 90598 छात्र-छात्राओं को डिग्री वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि गोल्ड मेडल हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा शेष विद्यार्थियों को ये डिग्रियां संबंधित कॉलेजों से मिलेंगी। कार्यक्रम के लिए तैयारियां को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

दो दिवसीय वार्षिकोत्सव ‘प्रत्युषा.2026’ में 28 और 29 मार्च को विद्यार्थियों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, गायन, संभाषण, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। 29 मार्च को आत्मनिर्भर शेखावाटी संगम का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें शेखावाटी क्षेत्र की शख्सियतें युवाओं को शेखावाटी को आत्मनिर्भर बनाने के सुझाव देंगी और मंथन किया जाएगा।

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