ग्रेस से पास हुए छात्र या फेल हुआ सिस्टम?
गजेंद्र सिंह
सरदारशहर (नवयत्न) । तहसील के अमरसर गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में 14 में से 12 विद्यार्थियों के ग्रेस अंक के सहारे पास होने से पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति अचानक नहीं बनी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही लापरवाही का नतीजा है। केवल 10वीं ही नहीं, बल्कि 8वीं और 5वीं बोर्ड के परिणाम भी कमजोर रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई है।
कमजोर परिणाम से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय के बाहर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालय में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों की कमी है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही शिक्षकों के समय पर नहीं आने और समय से पहले जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में न तो नियमित रूप से होमवर्क दिया जाता है और न ही कॉपियों की जांच होती है। विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की बैठकों में भी अभिभावकों की भागीदारी नहीं हो रही है। इसके अलावा स्कूल में लगे CCTV कैमरे बंद पड़े हैं और लंबे समय से अनुपस्थित छात्रों के घर जाकर संपर्क तक नहीं किया जा रहा।
कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि पढ़ाई के समय शिक्षक और छात्र सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त रहते हैं, जिससे अनुशासन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि मुख्य विषयों के शिक्षकों की जल्द नियुक्ति की जाए, लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई हो और विद्यालय में अनुशासन एवं नियमित पढ़ाई सुनिश्चित की जाए।
एक ओर सरकार सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के परिणाम व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर कर रहे हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।