सुरक्षित बचपन, जागरूक भविष्य: महला ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में छात्राओं को सुरक्षा, अधिकार और ट्रैफिक नियमों की महत्वपूर्ण जानकारी
श्रवण सारस्वत
रींगस (नवयत्न) । आज दिनांक 27 अप्रैल 2026 को महला ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, रींगस में विद्यार्थियों—विशेष रूप से बालिकाओं—के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रींगस थाने के उपनिरीक्षक दिलीप सिंह ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, ट्रैफिक नियमों तथा गुड टच और बैड टच जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी प्रदान की।
उपनिरीक्षक दिलीप सिंह ने वास्तविक घटनाओं के उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की असामान्य या गलत स्थिति में बिना डर के तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि राजस्थान पुलिस हमेशा आपकी मित्र है और हर परिस्थिति में सहायता के लिए तत्पर रहती है।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच स्पष्ट अंतर समझाया गया, जिससे वे अपने साथ होने वाले किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचान सकें और समय रहते सही कदम उठा सकें। साथ ही पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों की समझ विकसित हो सके।
संस्थान के सचिव विशाल महला ने भी अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने, स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा गलत के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्राचार्य राजेंद्र यादव ने भी विद्यार्थियों को इन सभी विषयों की महत्ता समझाते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।

इस अवसर पर रींगस थाने से हेड कांस्टेबल सुनील कुमार मीणा कांस्टेबल कमलेश कुमार तारा हरितवाल, सुरेश ढाका, पिंटू दयाल शर्मा,सुरेश महला, राकेश शर्मा, राजेंद्र धायल, डॉ. शिप्रा यादव, मनीषा सैनी सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना रहा, जिससे वे एक सुरक्षित और सशक्त भविष्य की ओर बढ़ सकें।