अब्दुल्ला अगवान ने संभाला सभापति पद, ओला बोले-चुनाव में जैसा माहौल देखा, वैसा जिंदगी में कभी नहीं देखा
अशोक राईका
झुंझुनूं (नवयत्न)। नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान ने बुधवार को पदभार संभाल लिया है। समारोह नगर परिषद कार्यालय में आयोजित किया गया। स्थानीय सांसद बृजेंद्र सिंह ओला, कांग्रेस नेता अमित ओला और पूर्व जिला प्रमुख डॉ. राजबाला ओला प्रमुख रूप से मौजूद रहे। पूर्व सभापति नगमा बानो ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उप सभापति वीरेंद्र डारा ने भी इसी कार्यक्रम में अपना पदभार ग्रहण किया। समारोह में सांसद बृजेंद्र ओला ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में पहले भी कई बार स्वायत्त संस्थाओं के चुनाव हुए हैं, लेकिन इस बार जिस तरह का माहौल देखने को मिला, वैसा उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा। ओला ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना और अपनी पसंद के प्रतिनिधि को चुनना सभी का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अधिकार को छीनने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव की शुरुआत से ही अलग तरह की परिस्थितियां देखने को मिलीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बोर्ड को काम नहीं करने देने की बात कर रहे हैं, लेकिन संविधान और कानून के दायरे में रहकर नगर परिषद शहर के विकास के लिए काम करेगी। उन्होंने सभापति, उपसभापति और बोर्ड के पार्षदों से कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। शहर की बेहतरी के लिए नियमों के दायरे में रहकर काम किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान 35 पार्षदों का भी सम्मान किया। मंच का संचालन खलील बुड़ाना ने किया। इस मौके पर बगड़ नगरपालिका अध्यक्ष राकेश शर्मा, सुलताना नगर पालिका अध्यक्ष सोनिया जींद, पूर्व जिलाध्यक्ष महेंद्र झाझडियां, कुरड़ाराम धींवा, दिलीप मोदी, चौथमल कुमावत, रामनारायण कुमावत, पूर्व पार्षद मुमताज समेत कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

‘झुंझुनूं ने पुरानी परंपरा बदल दीÓ
सांसद ने कहा कि चुनाव से पहले यह धारणा बनी हुई थी कि झुंझुनूं नगर परिषद का बोर्ड उसी दल का बनता है, जिसकी प्रदेश में सरकार होती है। उन्होंने कहा कि इस बार शहर के लोगों और कार्यकर्ताओं ने इस परंपरा को बदल दिया। प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद झुंझुनूं नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बना है।
‘दो साल बाद कांग्रेस की सरकार आएगीÓ
बृजेंद्र ओला ने कहा, लिख लेना, दो साल बाद राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आएगी। उन्होंने कहा कि करीब दो साल तक नगर परिषद में प्रशासक व्यवस्था रही। इस दौरान कार्यकर्ताओं से नगर परिषद के कामकाज और कर्मचारियों पर दबाव को लेकर कई बातें सामने आती थीं। ओला ने प्रतिस्पर्धा को लेकर कहा कि किसी की लाइन मिटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी लाइन इतनी लंबी खींचनी चाहिए कि सामने वाले की लाइन अपने आप छोटी नजर आए।
सभापति बोले-
पदभार संभालने के बाद अब्दुल्ला अगवान ने शहर की टूटी सड़कों की मरम्मत, जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और चरमराई सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने को अपनी पहली बड़ी प्राथमिकता बताया है।