भाजपा नेता जांगिड़ ने भाजपा नेता चौधरी पर लगाए गंभीर आरोप
सुरेन्द्र शर्मा
सीकर (नवयत्न)। भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता व समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ ने भाजपा नेता इंदिरा चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांगिड़ ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा नेता इंदिरा चौधरी जिला परिषद सीकर के वार्ड नंबर 18 से चुनाव लड़ रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उनके बैनर और पोस्टरों में स्वयं के अलावा किसी भी बड़े नेता का नाम और फोटो नहीं लगाया गया है। जांगिड़ ने कहा बैनरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित किसी भी वरिष्ठ नेता का फोटो या नाम तक नहीं है, जिससे लगता है जैसे उनका किसी से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा का कार्यकर्ता होने के नाते मुझे बहुत बड़ा दुख पहुंचा है, जिसका मैं विरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी के वरिष्ठ नेता यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, प्रेम सिंह बाजोर, विधायक गोवर्धन वर्मा, सुभाष महरिया, गजानन कुमावत, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, विधायक सुभाष मील सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं की भी अनदेखी की गई है, जिससे भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान हुआ है।
वादे पूरे नहीं करने का आरोप
भंवरलाल जांगिड़ ने बताया कि इससे पूर्व इंदिरा चौधरी ने जिला परिषद वार्ड नंबर 11 से चुनाव जीता था। आरोप है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। गांव के विकास और स्कूली बच्चों के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी, जिसका भुगतान आज तक नहीं हुआ। विरोध होने पर वे वार्ड 11 छोड़कर अब वार्ड 18 से चुनाव लड़ रही हैं। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में आक्रोश है। जांगिड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा मिशन को इस तरह की झूठी घोषणाओं से चोट पहुंचती है।
पैतृक जमीन पर कब्जे का आरोप, एफआईआर दर्ज
जांगिड़ ने जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनकी पैतृक जमीन का एग्रीमेंट इंदिरा चौधरी, उनके पति जगदीश गिठाला और उनके पुत्र ने किया था। एग्रीमेंट के अनुसार 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवाकर कब्जा सौंपा था, लेकिन आरोप है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर सीमाज्ञान फर्जी करवाकर 25 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले में जीणमाता थाने में एफआईआर नंबर 127, दिनांक 19 अगस्त 2026 को दर्ज करवाई गई है, जिसका अनुसंधान जारी है। जांगिड़ ने अंत में आरोप लगाया कि इंदिरा चौधरी ने तथ्य छिपाकर जिला परिषद चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया है, जिसकी जांच होना जरूरी है।