डंपिंग यार्ड के दलदल में गोवंश के फंसने का मामला

प्रदीप कुमार सैनी
दांतारामगढ़ /सीकर (नवयत्न)। दांता कस्बे की सार्वजनिक श्मशान भूमि के समीप स्थित नगरपालिका के डंपिंग यार्ड में गोवंश के बार-बार दलदल में फंसने तथा डंपिंग यार्ड की टूटी हुई तारबंदी को लेकर ओम गौ सेवा केंद्र, कामधेनु सेना एवं ग्रामवासियों ने नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि नगरपालिका द्वारा कचरा निस्तारण के लिए बनाए गए डंपिंग यार्ड के चारों ओर की गई तारबंदी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके कारण निराश्रित पशु एवं गौवंश आसानी से यार्ड के अंदर प्रवेश कर जाते हैं और वहां बने कीचड़युक्त दलदल में फंसकर घायल हो रहे हैं। गौसेवकों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार ओम गौ सेवा केंद्र के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय गौसेवकों द्वारा दलदल में फंसे गौवंश को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नगरपालिका द्वारा निराश्रित गोवंश को पकड़कर गौशाला में भेजा गया था। इसके बावजूद भी कस्बे में बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश मुख्य बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं, जिससे आमजन एवं वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। गौसेवकों ने प्रशासन से गोवंश की सुरक्षा एवं उचित प्रबंधन के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान ओम गौ सेवा केंद्र, कामधेनु सेना के पदाधिकारी, गौसेवक एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
इनका कहना है: 
 नगरपालिका अधिशाषी अधिकारी भूपेश शर्मा का कहना है कि डंपिंग यार्ड क्षेत्र का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
कामधेनु सेना सीकर के जिलाध्यक्ष व ओम गो सेवा केंद्र दांता के संचालक भरत सांखला ने बताया कि काफी बार गोवंश इस दलदल में फंसे जाते हैं जिन्हें निकालना मुश्किल हो जाता हैं। डंपिंग यार्ड को मलबा डालकर स्थाई रूप से बंद किया जाए।
रमेश कुमावत ने कहा कि डंपिंग यार्ड के चारों ओर चारदिवारी निकालकर स्थाई समाधान किया जाए और कचरे का वैज्ञानिक रूप से निस्तारण किया जाए।
वार्ड पार्षद कृष्ण गोपाल खांडेकर ने कहा कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
कमल सैनी ने कहा कि श्मशान घाट जाने पर डंपिंग यार्ड में कचरे व सीवरेज से फैली दुर्गंध के कारण वहां पर बैठना और उधर से निकलना दूभर हो जाता हैं।
प्रवीण शर्मा ने कहा कि गोवंश के बार-बार दलदल में फंसने की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए शीघ्र समाधान किया जाए।
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