कोरोना के डर से बीमारी को नहीं छुपाएं – मुख्यमंत्री
जयपुर, 17 मई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेशवासी कोविड-19 को लेकर डरने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच कराएं और उपचार लें। कोरोना सहित किसी भी बीमारी को छुपाने की कोशिश नहीं करें। इससे बीमारी के गंभीर होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी तरह की बीमारियों के उपचार के लिए उचित प्रबंध कर रखा है। हमारा माइक्रो मैनेजमेंट ऐसा हो कि प्रदेश में इलाज के अभाव में कोई जान नहीं जाए। गहलोत शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कोरोना के संक्रमण, जांच एवं इलाज, क्वारेंटीन सुविधाओं तथा गैर-कोविड रोगों के लिए चिकित्सकीय सुविधाओं की स्थिति के बारे में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हमें लगातार सतर्क एवं सजग रहने की जरूरत है। विशेषकर राजस्थान आ रहे श्रमिकों की प्रभावी स्क्रीनिंग, जांच एवं क्वारेंटीन को मजबूत किया जाना जरूरी है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में सैम्पलिंग बढ़ाई जाए।
अब तक कोरोना से हुई मौतों का कराएं गहन विश्लेषण
गहलोत ने निर्देश दिए कि राजस्थान में अब तक कोरोना से हुई 125 मौतों का विशेषज्ञों द्वारा विश्लेषण किया जाए। इन मौतों का गहन अध्ययन करने के लिए मृतकों के परिजनों से मिलकर रोगियों की पूरी केस हिस्ट्री, देरी से अस्पताल पहुंचने के कारणों, अन्य पुरानी बीमारियों की स्थिति की जानकारी लेकर उसका तार्किक विश्लेषण किया जाए। तभी हम कोरोना की लड़ाई के लिए चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और लोगों को जागरूक करने की बेहतर रणनीति तैयार कर सकेंगे।
जेलों में भी मेडिकल प्रोटोकॉल की हो पूरी पालना
मुख्यमंत्री ने जयपुर जेल में एक साथ बड़ी संख्या में कैदियों के कोरोना पॉजिटिव होने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि इन मरीजों को उचित चिकित्सा उपलब्ध करवाने के साथ ही कोरोना के तय मेडिकल प्रोटोकॉल की जेलों में भी पूरी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की दूसरी जेलों में भी आवश्यकतानुसार कैदियों की कोरोना जांच करवाई जाए।