शेखावाटी साहित्य संगम में मातृशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन

सुरेंद्र शर्मा
झुंझुनूं (नवयत्न)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को न्यू राजस्थान बालिका महाविद्यालय में ‘शेखावाटी साहित्य संगम-2026Ó का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, शेखावाटी की मातृशक्ति के योगदान और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की आराधना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्वलन मानसिंह, गेंदलाल, डॉ. शुचि चौहान, डॉ. रोहित जैन, गुलजारीलाल कालेर, लोकेश और दुर्गावती ने किया। पहले सत्र में ‘महिला सशक्तिकरण – बदलाव की एक नई दिशाÓ विषय पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन सरोज ने किया। शिक्षाविद् एवं सामाजिक विचारक डॉ. रोहित कुमार जैन और शिक्षाविद् एवं लेखिका डॉ. शुचि चौहान ने महिला उत्थान और शेखावाटी में महिलाओं की भूमिका पर विचार रखे। वक्ताओं ने क्षेत्र की मातृशक्ति के गौरवशाली इतिहास के साथ वर्तमान समय में महिलाओं के योगदान पर भी चर्चा की। संचालन प्रमेंद्र कुल्हार ने किया। कार्यक्रम में विजेंद्र सिंह, दीपक टेलर, राजपाल फोगाट, राजेश हलवान, जयपाल मीणा, जयप्रकाश, धर्मपाल सिंह, विजय कालेर, सुनील भारद्वाज, बलवीर सैनी, कुलदीप जगावत, बरखा, कपिल कुल्हरि, मनजीत, विजय एचरा और रविन्द्र शर्मा सहित आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे। समापन पर जयपाल मीणा ने अतिथियों, वक्ताओं, आयोजन समिति के सदस्यों और श्रोताओं का आभार जताया।
युवाओं की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंथन
दूसरे सत्र में ‘रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारीÓ विषय पर चर्चा हुई। इसका संचालन श्रीराम ने किया। बीएसएफ के सेवानिवृत्त आईजी मदन सिंह राठौड़ और सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ ने युवाओं से संवाद किया। वक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर, अनुच्छेद 370 हटने के बाद के हालात, भारतीय सेना में शेखावाटी के जवानों की भूमिका और सेना में युवतियों की बढ़ती भागीदारी जैसे विषयों पर विचार रखे। युवाओं से राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
9 से 11 अक्टूबर तक सीकर में होगा आयोजन
आयोजन टोली के सदस्य राहुल सिंह कबीरसर ने बताया कि झुंझुनूं के बाद साहित्य संगम का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर तक सीकर में होगा। 9 अक्टूबर को राजस्थान के राज्यपाल कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीकर में तीन दिन तक जनसांख्यिकी परिवर्तन, हल्दीघाटी का इतिहास, सिनेमा, गुरु तेग बहादुर, संत रविदास और ऐतिहासिक योद्धाओं के जीवन व योगदान जैसे विषयों पर सत्र होंगे। कवि सम्मेलन, नाटक मंचन और विभिन्न प्रतियोगिताएं भी होंगी। युवाओं के लिए ‘अरावली मोशनÓ के तत्वावधान में फिल्म मेकिंग कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

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