शिक्षा है जीवन विकास की धुरी : युवाचार्य महावीर मुनि
अबूबकर बल्खी
लाडनूं (नवयत्न)। तेरापंथ के युवाचार्य महावीर मुनि का सहवर्ती संतों के साथ जैन विश्व भारती रोड स्थित करिअर मंत्र संस्थान के कार्यालय में पदार्पण हुआ। जहां उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के विकास का केंद्र है इसलिए शिक्षा के क्षेत्र में सदैव सकारात्मक प्रयास किए जाने चाहिए । युवाचार्य ने कहा कि आचार्य महाश्रमण का कहना है कि शिक्षा में नैतिक मूल्यों का समावेश जरूरी है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अणुव्रत और प्रेक्षाध्यान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आगे आने की बात कही। संस्थान के अध्यक्ष डॉ शंकर आकाश से संस्था की शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की और सचिव चंद्रेश गोलछा ने संस्थान द्वारा सर्व समाज के लिए चलाए जा रहे विभिन्न शैक्षणिक उपक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर जन अभियोग एवं जिला सतर्कता समिति की सदस्य सुनीता वर्मा, शिक्षिका शीतल राठौर, आचार्य महाश्रमण योग क्षेम प्रवास व्यवस्था समिति के कोषाध्यक्ष रोहित सुराणा, राजकुमार चौरडिया सहित विभिन्न कार्यकर्ता मौजूद रहे।