ईद के त्योहार पर कोरोना की मार, व्यापारी बेहाल
गुलजार रहने वाले बाजारों में नहीं दिखाई दी रौनक
झुंझुनूं,(जय जांगिड़)24 मई। कहने को तो सदियों से ईद को खुशियों का त्योहार कहा और माना जाता है। हिंदू और मुस्लिम भाई एक दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद देते हैं और हर बार ईदगाह में हजारों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठे होकर खुदा की बारगाह में नमाज अता कर मुल्क की सलामती की दुआ मांगकर हिंदू भाइयों से गले मिलकर देश में अमन और भाईचारे को सौहार्दपूर्ण रखने के लिए एक दूसरे को बधाइयां देते है। लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद चतुर्थ चरण में व्यापारियों को दुकान खोलने की सशर्त अनुमति दी गई है। वहीं शहर में आने वाले अधिकांश लोगों की तादाद ग्रामीणों की होती है। जिसके लिए भी ग्रामीणों का आवागमन का मुख्य साधन निजी बसें व राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों का एकमात्र साधन होता है, जो अभी तक पूर्णतया बंद है। इस कारण शहर में भी अधिकांश व्यापारियों के अनुसार इस बार ईद के त्योहार पर कोरोना की मार बेहद करारी रही है। वहीं व्यापारियों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। ईद त्योहार के मौके पर हमेशा गुलजार रहने वाले बाजारों में इस बार बिल्कुल रौनक नहीं दिखाई दी।
लॉकडाउन से पूर्व की स्थिति के अनुसार आज के समय में व्यापार की गिनती नाममात्र की रह गई है पहले की तुलना में दस प्रतिशत ही काम रह गया है। आगे ना जाने कैसा होगा। सुनील अग्रवाल, कपड़ा व्यवसायी
कुछ तो सोना चांदी के भाव आसमान छू रहे हैं वहीं अभी मार्केट अस्थिर है जिस कारण इस बार ईद के त्योहार पर किसी प्रकार की कोई खरीदारी नहीं की जा रही है। हम सुबह जैसे घर से आते है, शाम तक वैसे निठल्ले बैठे रह कर घर चले जाते हैं, व्यापार नाम की कोई चीज नहीं बची है। संदीप सोनी, सर्राफा व्यवसायी
पिछले वर्ष ईद के त्योहार पर हमें सुबह से शाम तक समय नहीं मिलता था ग्राहकों की काफी डिमांड रहती थी इस बार सुबह से सिर्फ दो ही ड्रेस बेच पाए हैं, उम्मीद के सपने टूट रहे है। कुछ कहा नहीं जा सकता ऐसा कब तक चलेगा। बंटी कुमावत, रेडीमेड गारमेंट व्यवसायी
ईद के त्योहार पर महिला सौंदर्य प्रसाधन की खरीदारी हेतु काफी संख्या में महिलाएं आती थी। इस बार उनकी संख्या नगण्य के बराबर है। ब्यूटी पार्लर और ना ही महिला सौंदर्य प्रसाधन की इसबार डिमांड रही है, हां हल्का फुल्का व्यापार जरूर 2 दिन से ईद के त्योहार की वजह से चल निकला है लगता है आगे भी यह गति बरकरार रह जाए। दीक्षा, ब्यूटी पार्लर व महिला सौंदर्य प्रसाधन विक्रेता
वैश्विक महामारी के कारण अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है उसे संभलने में अभी समय लगेगा, व्यापारी वर्ग यकीनन परेशानी में है। सरकार द्वारा व्यापारी वर्ग को विशेष सहायता मुहैया करानी चाहिए। अजय गोयल, कर सलाहकार