एनएचबी के खिलाफ 10 राज्यों में किसानों का विरोध : सब्सिडी और मंजूरियां बहाल करने की मांग
निसं
जयपुर (नवयत्न)। नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड एनएचबी की सब्सिडी व्यवस्था और नए नियमों के खिलाफ पॉलीहाउस किसानों का विरोध देश के कई राज्यों में तेज हो गया है। किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों ने 10 राज्यों के 11 शहरों में प्रदर्शन कर सहायता में कटौती वापस लेने, लंबित परियोजनाओं की मंजूरियां जारी करने और नई ग्रांट ऑफ क्लीयरेंस जीओसी प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की। आयोजकों के अनुसार अहमदाबाद, जयपुर, भोपाल, लखनऊ, बेंगलूरु, देहरादून, चंडीगढ़, रायपुर, चेन्नई तथा महाराष्ट्र के पुणे और नाशिक में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए। इनमें पॉलीहाउस किसानए ग्रीनहाउस निर्माता, फिल्म व नेट आपूर्तिकर्ता और निर्माण से जुड़ी टीमें शामिल हुईं। किसानों का कहना है कि नई जीओसी प्रक्रिया बंद होने से पॉलीहाउस परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी कर रहे आवेदक अटक गए हैं। ऋण मंजूर करा चुके किसानों को भी चिंता है कि प्रक्रिया में देरी से बैंक की मंजूरी की अवधि समाप्त हो सकती है और उन्हें दोबारा मूल्यांकन या नई शर्तों का सामना करना पड़ सकता है। निर्माण कार्य रुकने से पॉलीहाउस निर्माता और निर्माण टीमें भी नए ऑर्डर के इंतजार में हैं। एनएचबी ने आधिकारिक रूप से 3 सितंबर को दो योजनाओं के तहत नए जीओसी आवेदन अस्थायी रूप से रोकने का सर्कुलर जारी किया था। बोर्ड की वेबसाइट पर 21 अगस्त को योजना दिशानिर्देशों में संशोधन और 3 सितंबर को नए आवेदनों के अस्थायी निलंबन संबंधी आदेश दर्ज हैं। प्रदर्शनकारियों ने 21 अगस्त के संशोधित नियमों को वापस लेने, सामान्य क्षेत्रों में 50 प्रतिशत सहायता बहाल करने और नए नियम लागू करने से पहले किसानों तथा संबंधित उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा करने की मांग की। किसानों का कहना है, कि सहायता घटने से परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने, बैंक प्रस्ताव में बदलाव कराने या परियोजना का आकार कम करने की स्थिति बन सकती है। आंदोलन से जुड़े किसानों ने कहा कि 21 अगस्त से पहले के पात्र आवेदन, जारी और लंबित जीओसी तथा पुराने वित्तीय दायित्वों को पूर्व व्यवस्था के तहत सुरक्षित रखा जाए। साथ ही आवेदन से लेकर मंजूरीए निर्माण, निरीक्षण और अंतिम दावे तक प्रत्येक चरण की समय.सीमा लिखित रूप में तय की जाए। प्रदर्शन में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री और एनएचबी के पदेन उपाध्यक्ष भागीरथ चौधरी की परियोजना को मिली करीब 99 लाख रुपए की सब्सिडी का मामला भी उठाया गया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चौधरी की खीरा उत्पादन परियोजना के लिए करीब 99.03 लाख रुपए की सब्सिडी जारी हुई थी। चौधरी ने कहा था कि परियोजना के लिए आवेदन मंत्री बनने से पहले किया गया था और उन्होंने नियमों का पालन किया था। बाद में उन्होंने सब्सिडी लौटाने की सूचना दी। इस घटनाक्रम के बाद 21 अगस्त 2026 से योजना के दिशानिर्देशों में बदलाव किया गया। इसके बाद एनएचबी ने 4 सितंबर से एक महीने के लिए नई जीओसी अर्जियां स्वीकार करना भी अस्थायी रूप से रोक दिया। एनएचबी के अनुसार यह कदम संशोधित दिशा-निर्देश लागू करनेए लंबित मामलों की जांच और ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था को अद्यतन करने के लिए उठाया गया।