बाघ के हमले से महिला श्रमिक की मौत
निसं
जयपुर (नवयत्न) । नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बुधवार सुबह बाघ के हमले में महिला श्रमिक की मौत हो गई। हादसा एंक्लोजर नंबर 16 के पास हुआ। घटना के समय सात महिला श्रमिक घास काटने और सफाई का काम कर रही थीं। इसी दौरान बाघ एंक्लोजर से बाहर निकलकर महिलाओं के नजदीक पहुंच गया। महिलाओं ने पेड़ और सुरक्षा जाल पर चढ़कर जान बचाने का प्रयास किया, लेकिन नांगल सुसावतान निवासी सुगना देवी बाघ की चपेट में आ गई। बाघ ने उसे झपटकर नीचे गिराया और हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाघ को तत्काल काबू कर वापस पिंजरे में बंद किया गया।
बिना देखे गेट खोलने का आरोप
मृतका की बहन और मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे करीब आठ वर्ष से यहां काम कर रही हैं। सामान्य तौर पर उन्हें सुबह 9 बजे काम के लिए बुलाया जाता था, लेकिन बुधवार को सुबह 8 बजे ही बुला लिया गया था। करीब 9 बजे अचानक बाघ दिखाई दिया। सुगना देवी घास पटककर जान बचाने के लिए अन्य महिलाओं की ओर दौड़ी। छह महिलाएं रेलिंग के जाल और तारों के ऊपर चढ़कर किसी तरह सुरक्षित निकल गईं। सुगना भी जाल पार करने का प्रयास कर रही थी, तभी पीछे से बाघ ने उसे झपट लिया।
महिलाओं का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी हंसा देवी ने बिना स्थिति देखे बाघ का गेट खोल दिया, जिसके कारण बाघ खुले एंक्लोजर तक पहुंच गया। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह और सुरक्षा व्यवस्था में चूक की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रभारी निलंबित, एसीएफ स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी
नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले से महिला श्रमिक की मौत के मामले में वन विभाग ने बाघ एंक्लोजर के प्रभारी को प्रथम दृष्टया कर्तव्य में लापरवाही और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन में चूक के चलते निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) स्तर के अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उप वन संरक्षक (वन्यजीव) चिड़ियाघर, जयपुर डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि जांच में घटनाक्रम, सुरक्षा व्यवस्था, निर्धारित एसओपी व सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन, सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। जांच निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी।
डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर आशीष कुमार ने कहा कि एसीएफ के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। प्रारंभिक जांच के तहत गार्ड हंसा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। हालांकि प्रथमदृष्टया मामले में लापरवाही सामने आ रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
आमेर थाना अधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि सुबह करीब 9.30 बजे बाघ के हमले की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पिंजरे से बाहर बने एंक्लोजर में महिलाएं काम कर रही थीं, इसी दौरान हमला हुआ। पुलिस ने वनकर्मी से पूछताछ की है। लिखित रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर जुटी भीड़, ग्रामीणों का धरना
हादसे की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। आमेर थाना पुलिस भी पहुंची। बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतका के परिजन पार्क परिसर में जमा हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी, आर्थिक मुआवजा और दोषी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आमेर विधायक प्रशांत शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी धरने में पहुंचे।
काफी देर तक प्रशासन, वन विभाग और ग्रामीणों के बीच बातचीत चली। अधिकारियों ने मृतका के परिजनों को नियमानुसार सहायता और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मांगों पर सहमति बनी और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
10 लाख मुआवजा, दो आश्रितों को संविदा नौकरी
सहमति के अनुसार मृतका के परिवार को 10 लाख रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी। परिवार के दो आश्रितों को संविदा पर नौकरी देने तथा एक डेयरी बूथ आवंटित करने पर भी सहमति बनी है। वहीं, एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव पत्र भेजा जाएगा। दोषी वन विभाग कर्मचारी के खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है।
आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने कहा कि टाइगर के हमले में महिला श्रमिक की मौत के मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतका करीब 8 साल से काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि परिजनों को 10 लाख रुपए की सहायता, दो आश्रितों को संविदा पर नौकरी और एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से भी परिवार की हरसंभव मदद की जानी चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी समीक्षा
डीएफओ डॉ. आशीष व्यास ने कहा कि वन विभाग नाहरगढ़ जैविक उद्यान में कर्मचारियों, श्रमिकों और आगंतुकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। घटना के बाद पूरे सुरक्षा प्रबंध की पुनः समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है तथा मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं।
घटना के बाद महिला श्रमिकों और उनके परिजनों में आक्रोश है। साथी कर्मचारियों ने वन्यजीव एंक्लोजर के आसपास काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे में वास्तविक लापरवाही और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।