ज्वैलर जतिन सोनी हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद, एक आरोपी बरी
संजय सोनी
झुंझुनूं (नवयत्न)। शहर के चर्चित ज्वैलर जतिन सोनी हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश संख्या-2 कालूराम ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए डकैती के दौरान हत्या के पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने सभी पांच दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। मामले में एक आरोपी को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। न्यायालय ने दीपक पहल पुत्र जगत सिंह, निवासी नरवाणा रोड, शीतलपुरी कॉलोनी, जींद (हरियाणा), योगेश कुमार पुत्र भागुराम, निवासी चारणवासी, थाना सदर झुंझुनूं, विनोद कुमार पुत्र सुबे सिंह, निवासी जागसी, थाना बरोदा, जिला सोनीपत (हरियाणा), अंकित कुमार उर्फ मीठू पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी आबूसर, थाना सदर झुंझुनूं तथा प्रताप सिंह पुत्र रिद्धलाल, निवासी चूड़ेलाकाबास, थाना सदर झुंझुनूं को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। वहीं प्रमोद कुमार उर्फ धोलिया पुत्र फूलचंद, निवासी चारणवासी को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।
पिस्टल तानकर लूटे थे जेवर
मामले के अनुसार 15 सितम्बर 2019 को संदीप सोनी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी ज्वैलरी की दुकान न्यू प्रकाश ज्वैलर्स, मान नगर, स्काईलाइन अस्पताल के पास स्थित है। घटना के दिन दोपहर करीब पांच बजे हथियारबंद लुटेरे दुकान में घुसे। इनमें एक मोटरसाइकिल पर हेलमेट लगाकर आया था, जबकि दो लुटेरे सफेद रंग की बोलेरो में आए थे।
लुटेरों ने दुकान में घुसते ही संदीप के भाई जतिन सोनी (बाईसराम) पर पिस्टल तान दी और ज्वैलरी बैग में भरने को कहा। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। लुटेरों ने जतिन के गले से चेन भी उतरवा ली और सीसीटीवी की डीवीआर भी मांगी।
जान बचाकर भागे, गोली मार दी
घटना के दौरान दुकान में काम करने वाला कर्मचारी भी मौजूद था। लुटेरे जब जेवर समेट रहे थे और डीवीआर लेने का प्रयास कर रहे थे, तभी जतिन सोनी मौका पाकर दुकान का शीशा खोलकर बाहर भाग निकले। एक लुटेरे ने उनका पीछा कर गोली मार दी। घायल जतिन मुख्य सड़क पर अपने घर के सामने गिर पड़े। परिजन उन्हें उपचार के लिए जयपुर ले गए, जहां उपचार के दौरान 9 अक्टूबर 2019 को एसएमएस अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ी और जांच आगे बढ़ाई।
39 गवाह और 210 दस्तावेज पेश
पुलिस ने जांच पूरी कर छह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक नंद किशोर शर्मा ने पैरवी करते हुए कुल 39 गवाहों के बयान करवाए तथा 210 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए। अभियोजन ने मामले को गंभीर प्रकृति का बताते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद पांच आरोपियों को विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। अन्य धाराओं में भी सजा और जुर्माना लगाया गया, लेकिन सभी सजाएं साथ-साथ भुगतने के आदेश दिए गए। वहीं प्रमोद कुमार उर्फ धोलिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।