जिले के 11 विद्यालयों में हुआ फाऊंडेशनल लर्निंग स्टेज सर्वे, 107 विद्यार्थियों का हुआ आकलन
सुरेंद्र शर्मा
सीकर (नवयत्न) । राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (फाऊंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी-एफएलएन) के स्तर का आकलन करने के उद्देश्य से एनसीईआरटी द्वारा एससीईआरटी एवं जिला डाइट के सहयोग से “फाऊंडेशनल लर्निंग स्टेज सर्वे 2025-26” का आयोजन किया गया। राजस्थान के 511 विद्यालयों में संचालित इस सर्वे के तहत सीकर जिले के 11 विद्यालयों के 107 विद्यार्थियों को शामिल किया गया।
सर्वे की जानकारी देते हुए स्टेट रिसोर्स पर्सन राजकमल जाखड़ ने बताया कि सरकार समय-समय पर पाठ्यक्रम और शिक्षण व्यवस्था की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न सर्वे आयोजित करती है। इसी क्रम में निपुण भारत मिशन के तहत एफएलएन उद्देश्यों की प्राप्ति का आकलन करने के लिए यह सर्वे कराया गया। उन्होंने बताया कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य कक्षा तीन तक के विद्यार्थियों में भाषा एवं गणित के बुनियादी कौशल की स्थिति को समझना है, ताकि भविष्य में शिक्षण पद्धति और पाठ्यक्रम में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि इस बार सर्वे की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि पहली बार इसे पूरी तरह टैबलेट आधारित बनाया गया। विद्यार्थियों के उत्तर सीधे टैबलेट पर दर्ज किए गए, जिससे डेटा तुरंत सिंक्रोनाइज होकर एनसीईआरटी तक पहुंचेगा और उसके विश्लेषण में कम समय लगेगा। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षा क्षेत्र में नवाचार आवश्यक हैं और शिक्षा विभाग लगातार तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए आगे बढ़ रहा है।
डीएलसी प्रभारी डॉ. सुरभि चौधरी ने बताया कि जिले के चयनित 11 विद्यालयों में सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। सभी विद्यार्थियों का डेटा सिंक्रोनाइज कर संस्था प्रधान प्रश्नावली एवं दो अध्यापक प्रश्नावलियां भी पूर्ण कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए जिले के 11 फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स को उदयपुर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दो दिवसीय सघन प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद उन्हें विद्यालयों में भेजा गया, जहां उन्होंने विद्यार्थियों से प्रश्न पूछकर उनके उत्तर टैबलेट में दर्ज किए।

सर्वे के दौरान प्रश्नों का स्तर कक्षा तीन के अनुरूप रखा गया तथा प्रत्येक विद्यार्थी पर लगभग 40 से 50 मिनट का समय दिया गया। सर्वे के लिए जिले में रेंडम स्टार्ट एवं सैंपल इंटरवल पद्धति अपनाई गई, जिसके तहत शहरी, ग्रामीण, दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों के साथ-साथ हिंदी माध्यम, अंग्रेजी माध्यम, निजी एवं सरकारी विद्यालयों को भी शामिल किया गया।
राजकमल जाखड़ ने केंद्रीय विद्यालय सीकर में विद्यार्थियों का सर्वे टैबलेट के माध्यम से किया। इस दौरान उन्होंने संस्था प्रधान नरसी लाल बिजारणिया से विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर विस्तृत चर्चा कर प्रश्नावली भी पूर्ण की।
सर्वे में हरी कृष्ण ताखर, इंदिरा देवी, पंकज शर्मा, विक्रम सिंह, मास्टर ट्रेनर कन्हैयालाल मेवात, सुरेंद्र कुमार सैनी, कुलदीप, प्रमोद कुमार, प्रीतम सिंह निखिल एवं दीपेंद्र सिंह सहित अन्य शिक्षा विभाग के कार्मिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई।