जिन देवताओं का पूजन मंदिर में करते है वे सब गाय में विराजमान-इंजी. ढूकिया

झुंझुनूं,(जय जांगिड़)16 मई। गाय की सेवा करके ही भवसागर से पार पाया जा सकता है वहीं आज के समय में विश्वकल्याण के लिए गौ पालन व सेवा के जरिए पर्यावरण की रक्षा जरूरी है। यह विचार शनिवार को श्री गांधी जन कल्याण समिति, मण्डावा की ओर से गौशाला में गाय सेवा संकल्प कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य एवं वरिष्ठ भाजपा नेता इजी. प्यारेलाल ढूकिया ने व्यक्त किए। उन्होनें कहा कि गाय को माता कहा गया है, गाय के दरवाजे पर आकर रंभाना, मानो भगवान आपके सभी दोषों को क्षमा करने को श्रद्धा भाव से भोजन खिलाता है, मानो उसे सभी कुछ प्राप्त हो जाता है। इंजी. ढूकिया ने कहा कि वैदिक साहित्य के अनुसार जिन देवताओं का पूजन हम मन्दिरों व तीर्थो में जाकर करते है। वे सारे जीवन रूप में देवता समूह रूप से गौ माता में नित्य विराजमान है। इसलिए पूर्ण श्रद्धा व विश्वास के साथ किसी भी कार्य की सिद्धि के लिए नित्य गौ माता की सेवा करनी चाहिए। इजी. प्यारेलाल ढूकिया ने जन-जन में गौ सेवा की भावना भरते हुए कहा कि आज गौ रक्षा नहीं, बल्कि गौ सेवा की जरूरत है। गाय की सेवा होगी तो स्वत: गौमाता की रक्षा संभव हो सकेगी। उन्होंने मौजूद हर व्यक्ति से गौ सेवा का संकल्प कराया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गौशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामस्वरूप चौपदार ने की व इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन राधेश्याम सैनी, शिक्षाविद्ध दयानन्द ढूकिया, मास्टर ईश्वरलाल जागिड़, भाजपा मण्डल अध्यक्ष मोहनलाल सैनी, पूर्व पार्षद चिरंजीलाल नायक, दयानन्द कुल्हरि, राकेश बुडानिया, पण्डित प्रभू दयाल शर्मा, किशोर सिंह जाटू, पवन कुमार शर्मा, रामशरण ढण्ढ़ व बलदेव सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे। अन्त में कार्यक्रम प्रायोजक श्री गांधी जन कल्याण समिति, मण्डावा के कार्यक्रम प्रभारी सूर्य प्रकाश लाहोरा ने सभी का आभार जताया।

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