गुटखे, पान मसाला व जर्दा की काला बाजारी जोरों पर
रतनगढ़,(नवरतन वर्मा)14 मई। एक और आमजन कोरोना महामारी से जूझ रहें है। वहीं गुटखा के खुदरा व्यापारी काला बाजारी करने में नहीं चूक रहें है। प्रशासन की ओर से गुटखा, खैनी, बिड़ी, सिगरेट पर जहां एक और प्रतिबंध है एवं इसकी बिक्री करने पर पांच हजार रूपये तक की प्लेन्टी लगाये जाने का आदेश भी है। फिर भी शहर में खुदरा व्यापारियों द्वारा चार से पांच गुणा बढ़ोतरी कर खुले आम लूट रहें है। कुछ व्यापारियों के यहां एक पखवाड़ा पूर्र्व कुछ मात्रा में प्रशासन ने गुटखे बरामद कर जलाया गया लेकिन आज बिना कोई झिझक के खुले आम गुटखे व पान मसाले बेचे जा रहें है। प्राप्त जानकारी अनुसार जहां तानसेन का पैकेट मात्र 210 रूपये में बिकता था वो आज 900 रूपये तक बिक रहा हैं। वहीं रजनीगंधा, पान बहार, सिनेचर, नवरतन के जीपर 40 से 60 रूपये तक बिकते थे आज वो 100 रूपये से 110 रूपये तक प्र्रति जीपर बिक रहा है। मिराज खैनी के 10 रूपये के पाकेट नेे डॉलर का रिकॉर्ड तोड़तेे हुए 70-80 रूपये में बिक रहा है।
आलम यह है कि इन वस्तुओं के उपभोक्ता प्राय: दुकानों के चक्कर लगाकर जैसे तैसे प्राप्त करने पर अपने आप को बड़ा भाग्यशाली मानते हैं। जिला प्रशासन इस अभियान में सक्रियता से लगा हुआ है। चूरू जिला मुख्यालय पर तथा सुजानगढ़़ में लाखों रूपये के पान मसाला व गुटखे जब्त कर कार्यवाही की है। वहीं रतनगढ़ का प्रशासन मौन सादे बैठा है।