हिंदू सम्मेलन आयोजित सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और राष्ट्र कर्तव्यों पर हुआ विचार मंथन
राजलदेसर (दैनिक नवयत्न )। न्यूज़ सर्विस ललित दाधीच। राजलदेसर में गाँधी बस्ती के आचार्य चौक में आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाज, संस्कृति, पर्यावरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर समरस, स्वाभिमानी और कर्तव्यनिष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करना रहा। सम्मेलन का शुभारंभ मंचस्थ अतिथि कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संत सुरजीत नाथ महाराज ,संत रुद्र नाथ महाराज , संत नंदीनाथ महाराज विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री अरविंद मिश्रा ,भागीरथ रेगर , लालचंद आचार्य , जगदीश प्रजापत , ब्रह्मदत्त आचार्य , लालचंद खटीक , श्याम सुंदर कटारिया , ने भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर व पुष्प अर्पित कर किया गया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही। सम्मेलन के मुख्य वक्ता अरविंद मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “हिंदू धर्म कोई संकीर्ण पूजा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र कला है।” उन्होंने कहा कि विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए भारत में हिंदू समाज का एकजुट रहना आज नितांत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भारत एक शरीर है तो हिंदू उसकी आत्मा हैं और यह संबंध सनातन काल से चला आ रहा है। कार्यक्रम में संत सुरजीतनाथ महाराज ने सामाजिक समरसता पर विचार रखते हुए कहा कि “एक पनघट और एक मरघट पर सभी भेद समाप्त हो जाते हैं, यही समरसता का वास्तविक स्वरूप है।” उन्होंने कहा कि भारत में जन्म लेना हमारा सौभाग्य है और प्रत्येक परिवार को वर्ष में कम से कम एक बार धार्मिक स्थलों की यात्रा अवश्य करनी चाहिए। उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि परिवार को एकजुट रखने और धार्मिक-सांस्कृतिक संस्कार देने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुटुंब प्रबोधन पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक घर में ॐ और स्वस्तिक जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान, तुलसी का पौधा, स्वदेशी परिधान और मातृभाषा में संवाद होना चाहिए। उन्होंने भोजन के समय मोबाइल के स्थान पर पारिवारिक संवाद को प्राथमिकता देने, परिवार के साथ धार्मिक यात्राएँ करने और प्रातःकाल धरती माता के चरण स्पर्श जैसे संस्कारों को जीवन में अपनाने का आग्रह किया। इस मौके पर पर्यावरण के क्षेत्र में तथा सामाजिक समरता , संयुक्त परिवार सहित अन्य क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया । इस मौके पर संघ के कार्यकर्ता धनराज सैन, ललित दाधीच , ख्यालीराम रेगर, सुभाष शर्मा , श्रवण आचार्य , रामनिवास प्रजापत , रतनलाल बारूपाल , पवन मारू , शंकर धेतरवाल , रामलाल खटीक , तुलसीराम पाण्डे , ओमप्रकाश आचार्य , प्रकाश प्रजापत , बिड़दी चंद प्रजापत , श्रवण बारूपाल , परमानंद प्रजापत , रामोतार पांडे , राजू आचार्य सहित सैकड़ो की संख्या में पुरुष व महिला उपस्थित रही । कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र लाटा ने किया ।