एसएस मोदी विद्या विहार में व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता प्रेरणादायी सेमिनार आयोजित
सुरेन्द्र शर्मा
झुंझुनू (नवयत्न)। जिला मुख्यालय स्थित एस एस मोदी विद्या विहार में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायी सेमिनार का आयोजन किया गया। विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल व प्राचार्य विजय मसीह ने मुख्य वक्ता श्रेया टीबड़ेवाल का पुष्प गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। अनिल शर्मा ने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए बताया कि कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कक्षा 9 की छात्रा, युवा लेखिका एवं मोटिवेशनल स्पीकर श्रेया टीबड़ेवाल है। जिसमें उद्यमियों एवं सफल व्यक्तित्वों के 17 प्रेरक जीवन प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया है।
उनकी पुस्तक को प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा एवं वरिष्ठ पत्रकार-उद्योगपति विजय दर्डा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की सराहना प्राप्त हो चुकी है। श्रेया ने लगभग 45 मिनट तक चले संवादात्मक एवं प्रेरक सत्र में विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, बड़े सपने देखने तथा चुनौतियों का डटकर सामना करने जैसे विषयों पर चर्चा की। अपने उद्बोधन में श्रेया ने बच्चों को बताया कि हमें कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। जीवन में चुनौतियाँ जो मिले उनमें सही निर्णय लें और साहस से आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि चुनौतियों में भी अवसर छिपा रहता है, अपने अवसर को पहचाने और मंजिल की ओर बढ़े।
उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखे प्रसंगों के अनुभवों और वास्तविक जीवन के प्रेरक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि कठिन परिस्थितियाँ ही सफलता की मजबूत नींव बन सकती हैं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। हनुमान व जामवंत का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि हम सभी के जीवन में माता-पिता व मित्र, अध्यापकों के रूप में कोई न कोई मार्गदर्शक होता है जिस पर विश्वास किया जाए। इसलिए अपनी शक्ति को पहचाने और आगे बढ़े। जीवन में संघर्ष तो रहेगा इसका उदाहरण सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के रूप में दिया जिन्होंने इतना बड़ा मुकाम हासिल किया है।
व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों ने सवाल पूछे जिनके उनको प्रेरक उत्तर मिले। श्रेया की माताजी ने भी बच्चों को बताया अगर इरादा पक्का हो तो हम हर कार्य सरलता से कर सकते हैं चाहे कितनी भी चुनौतियाँ हों। विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल ने बाल लेखिका के विचारों की सराहना करते हुए बच्चों को बताया कि अपना लक्ष्य निर्धारित करें और सही मंजिल की ओर सही निर्णय लेते हुए आगे बढ़े। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किया गया। प्राचार्य विजय मसीह ने कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता श्रेया टीबड़ेवाल का आभार व्यक्त किया। बालकों को प्रेरित किया और नियमित अध्ययन व समय के सदुपयोग से अपने लक्ष्य को पाने की बात कही।
विद्यालय समन्वयक मनीष अग्रवाल व प्राचार्य विजय मसीह ने स्मृति-चिह्न भेंट किया। विद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रेरक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता को नई दिशा प्रदान करते हैं। विद्यार्थियों ने भी इस प्रेरक सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया। मुम्बई प्रवासी ट्रस्टी शशिकांत मोदी, गीलूराम मोदी, सौरभ मोदी, प्रियंक मोदी व कनिका मोदी ने कार्यक्रम के सफल समापन पर शुभकामनाएँ प्रेषित की।