जेल में बंद आरोपी कर रहा था हथियार सप्लाई
अवैध हथियार तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
झुंझुनूं,(जय जांगिड़)15 मई। एसपी जगदीश चंद्र शर्मा ने जब से कार्यभार संभाला है तब से पुलिस को बड़ी सफलताएं लगातार मिल रही है। वहीं शुक्रवार को पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 पिस्टल सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
एसपी जगदीश चंद्र शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि 7 मई को मठ बस स्टैंड चारणवास थाना बगड़, बाकरा पुलिस थाना सदर झुंझुनूं एवं राणासर थाना मुकुंदगढ़ में हुई फायरिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उक्त घटनाओं में शामिल आरोपियों का शीघ्र पता लगाकर गिरफ्तार करना व घटनाओं में काम में लिए गए हथियार व अन्य गैंग से जुड़े हुए बदमाशों का पता लगाकर उनसे हथियार बरामदगी के निर्देश दिए गए थे।
जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार मीणा के सुपर विजन में पुलिस टीम का गठन किया तथा अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार एवं घटना में प्रयुक्त वाहनों एवं हथियारों को बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। जिस पर सदर थाना अधिकारी भंवरलाल कुमावत ने 14 मई को फायरिंग की घटनाओं में वांछित आरोपी महिपाल पुत्र लक्ष्मण राम मेघवाल निवासी दीपलवास तन उदावास को एक पिस्टल व दो कारतूस एवं एक अपाचे मोटरसाइकिल के साथ देव मंदिर उदावास जोहड़ से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी महिपाल से गहनता से पूछताछ की जिसके परिणाम स्वरूप आरोपी महिपाल के घर से चार पिस्टल, चार मैगजीन व 9 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आरोपी महिपाल ने पूछताछ में बताया कि उसने भूपेंद्र पुत्र मनोहर सिंह निवासी उदावास, प्रवीण पुत्र राजेंद्र नायक निवासी दीपलवास, संदीप पुत्र जगमाल सिंह निवासी हनुमानपुरा, सरजीत पुत्र भागीरथ सिंह निवासी चारणवासी, विकास पुत्र फतेह सिंह निवासी लंबोर बड़ी थाना राजगढ़ चूरू को एक-एक पिस्टल, रिवाल्वर एवं कारतूस बेचना बताया। जिस पर पुलिस की अलग-अलग टीम गठित कर आरोपी महिपाल द्वारा दी गई सूचनाओं का सत्यापन करवाया गया। जिस पर महिपाल के पास से पांच पिस्टल, चार मैगजीन, 11 जिंदा कारतूस, भूपेंद्र सिंह निवासी उदावास के पास से एक पिस्टल व एक जिंदा कारतूस बरामद किया तथा प्रवीण नायक निवासी दीपलवास के पास से एक रिवाल्वर, संदीप निवासी हनुमानपुरा के पास से एक पिस्टल व दो जिंदा कारतूस, सरजीत चारणवासी के पास से एक पिस्टल व 6 जिंदा कारतूस एवं विकास निवासी लंबोर बड़ी के पास से एक पिस्टल बरामद की गई।
पूर्व में 10 मई को राहुल तिलोटिया पुत्र राजकुमार निवासी चुड़ैला से एक पिस्टल बरामद कर प्रकरण दर्ज किया गया जिसके बारे में 14 मई को गिरफ्तार आरोपी महिपाल के द्वारा बेचना बताया है। एसपी शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम द्वारा आरोपी महिपाल से एवं उसके द्वारा दी गई सूचनाओं के अनुसार 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 9 पिस्टल, एक देसी रिवाल्वर, चार मैगजीन व 20 जिंदा कारतूस बरामद कर 5 प्रकरण सदर थाना में व एक प्रकरण मलसीसर थाने पर दर्ज कर सफलता हासिल की है।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम द्वारा किए गए प्रयास
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तारसुदा आरोपी महिपाल से पूछताछ की गई एवं उसके द्वारा दी गई सूचनाओं को अपने रुप से सत्यापन किया गया जिन व्यक्तियों को आरोपी महिपाल द्वारा हथियार बेचना बताया गया था उन व्यक्तियों की मौजूदगी, उनके आपराधिक गतिविधियों एवं उनको दस्तायाब करने के संबंध में गोपनीय एवं तकनीकी रूप से सूचनाएं संकलित की गई। थाना सदर, कोतवाली एवं मलसीसर की अलग-अलग टीमें गठित कर चिह्नित किए गए व्यक्तियों के मिलने के संभावित स्थानों पर दबिश दी गई। जिसके परिणाम स्वरूप आरोपियों की हथियारों के साथ गिरफ्तारी संभव हो सकी।
मदिया के संपर्क में है हथियार सप्लायर्स
आरोपी महिपाल से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हथियारों की तस्करी के पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जिसमें मुख्य सरगना मंदीप उर्फ मदिया पुत्र बनवारीलाल मेघवाल निवासी तिलोका का बास पुलिस थाना बिसाऊ जो न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है, उसके संपर्क में मध्य प्रदेश के कुछ हथियार सप्लायर है जो उस के निर्देश पर उक्त हथियार महिपाल को सप्लाई किए गए हैं। महिपाल द्वारा प्रत्येक पिस्टल 40 से 50 हजार रुपए तक बेचे जाते हैं एवं विक्रय से प्राप्त राशि मंदीप के के अनुसार विभिन्न व्यक्तियों एवं बैंक खातों में जमा करवा दी जाती है। इस प्रकार अवैध हथियार सप्लाई की एक पूरी श्रृंखला काम करती है तथा लोकडाउन के दौरान संगठित गिरोह द्वारा हथियार सप्लाई करने वाली गैंग का खुलासा एवं बड़े स्तर पर हथियारों की बरामदगी का राजस्थान में सबसे प्रमुख मामला है।
टीम में ये रहे शामिल
गठित टीम में डिप्टी लोकेंद्र दादरवाल झुंझुनूं शहर, नीलकमल डिप्टी ग्रामीण, कोतवाली थानाधिकारी गोपाल सिंह ढाका, सदर थाना अधिकारी भंवरलाल कुमावत, अंकेश कुमार मलसीसर थानाधिकारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।