जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते पाटन कस्बे की कई वार्डों में पेयजल संकट
पाटन, (प्रवीण कुमार योगी)29मई। इस भीषण गर्मी में जहां पानी की आपूर्ति बढ़ जाती है तथा हर घर में सुबह उठते ही नहाना धोना शुरू हो जाता है परंतु पाटन बस स्टैंड पर पटवार घर के पास लगी बोरिंग खराब हो जाने से कस्बे की कई वार्डों में पेयजल संकट बढ़ गया है। अभी तक ना तो टेकरों की सप्लाई शुरू की गई है और ना ही पानी के लिए कोई स्टोरेज की व्यवस्था है ऐसे में उपभोक्ताओं को पानी के संकट से जूझना पड़ता है। विभागीय कर्मियों से इस बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने मोटर खराब होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया परंतु आमजन को नहाने एवं पीने के पानी के लिए कितनी मस्कत करनी पड़ेगी इस बात का अंदाजा विभागीय कर्मियों को भी नहीं है।
वार्डो के अधिकांश लोग अपने पीने एवं नहाने की व्यवस्था नल के पानी से ही करते हैं, ऐसे में अगर जलदाय विभाग की बोरिंग खराब हो जाती है तो आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जलदाय विभाग ने यह कार्य ठेकेदारों को दे रखा है ठेकेदार भी अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आते हैं और ना ही विभाग के पास में मोटर खराब हो जाने पर इसका दूसरा विकल्प है। विभागीय कर्मियों ने बताया कि मोटर खराब होने की सूचना अपने उच्चाधिकारियों को दे दी थी परंतु मशीन नहीं आने के कारण से मोटर नहीं बदली जा सकी। उपभोक्ताओं को पानी के लिए हेड पंपों एवं कुओं पर से पानी लाते हुए देखा गया।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता सतवीर यादव ने बताया कि एक मोटर डाबला में खराब हो गई थी जिसके चलते पूरा दिन डाबला में ही लग गया जिस कारण पाटन की मोटर नहीं बदली जा सकी उसके लिए आज मशीन भिजवा कर शीघ्र ही मोटर बदला दी जाएगी।
जिम्मेदार अधिकारियों के अभाव से जल जाती है मोटर–गर्मी के मौसम में अधिकांश क्षेत्रों से मोटर जलने की शिकायतें आती रहती है परंतु विभाग में बैठे जिम्मेदार अधिकारी इस बात की तरफ ध्यान नहीं देते हैं की मोटर कितनी घंटों से चल रही है उसको कितना देर रोकना चाहिए, फिर स्टार्ट करनी चाहिए, क्योंकि गर्मी के समय में जलस्तर काफी नीचे चला जाता है ऐसे में लगातार मोटर चलने से मोटर जल जाती है।
वही गर्मी के समय में विद्युत भी अपनी ट्रिपिंग करती रहती है ऐसे में जिन बोरिंग मशीन हो के पास कर्मचारी नहीं होते ऑटोमेटिक स्टार्ट हो जाती हैं परंतु वह मोटर लोड ले पाती हैं या नहीं ले पाती यह भी देखने का विषय है। जिस कारण से मोटर जल जाती हैं। पाटन मुख्यालय पर कनिष्ठ अभियंता के अभाव से पाटन कस्बे में अधिकांश वार्डो में पेयजल संकट बना हुआ है।