किसानों से नहीं वसूला जाएगा कृषक कल्याण शुल्क
जिंसों के बाजार भाव गिरने पर लिया निर्णय
नवलगढ़,(श्रवण कुमार नेचु)12 मई। कृषक कल्याण फीस का उपयोग अब किसान कल्याण के लिये होगा। इसके लिए किसानों से किसी प्रकार की फीस नहीं वसूली जाएगी। कृषि उपज मंडी के सचिव नीरज बिष्ट ने बताया कि कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेश पाल गंगवार द्वारा आदेश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 और 2020 के परिवर्तित बजट में किसानों के लिये इज ऑफ डूइंग बिजनेस की तर्ज पर ईजी ऑफ डूइंग फार्मिंग की ओर पहला बड़ा कदम उठाते हुए एक हजार करोड़ रुपये कृषक कल्याण कोष केसरी के गठन और इसका उपयोग किसानों को उनके उत्पादन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए काम में लिये जाने की घोषणा की है। इस कल्याण कोष गठित होने का मतलब समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही कृषि जिंसों के तुरंत भुगतान के लिए निधि की सुविधा करना, कृषि जिंसों के बाजार भाव गिरने पर बाजार हस्तक्षेप योजना लागू करना आदि है। राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड ने दो हजार करोड़ का कोष बनाया है। मंडी सचिव ने बताया कि कृषक कल्याण फीस का भार अब किसानों तथा व्यापारियों पर नहीं पड़ेगा।