केटीएसएस ने चार श्रम संहिताओं को लागू करने को लेकर जताया विरोध, मनाया काला दिवस
निसं
खेतड़ी नगर (नवयत्न)। खेतड़ी तांबा श्रमिक संघ कार्यालय में बुधवार शाम को बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान केंद्रीय श्रमिक संघों के आव्हान पर चार श्रम संहिताओं के विरोध में काला दिवस मनाया साथ ही कार्याकर्ताओं ने विरोध प्रदेशर्न किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सत्यनारायण गर्वा ओर कॉमरेड राम सिंह शेखावत के अध्यक्ष मंडल द्वारा की। केटीएसएस महासचिव बिड़ूराम सैनी ने कहा कि देश के श्रमिकों ने अंग्रेजी शासन से लेकर अभी तक की सरकारों से 44 केन्द्रीय कानून तथा 150 राज्यों के कानून अपने पक्ष में बनवाए थे। मगर केंद्र सरकार ने मज़दूरों के त्याग ओर बलिदान से बनाए इन कानूनों को संहिताओं के नाम पर व्यापार को सुगम बनाने के नाम पर कारपोरेट एवं पूंजीपतियों को लाभ देने के लिए मालिक पक्षी बनाया गया है। केंद्रीय 44 कानूनों में से पंद्रह को खत्म कर दिया तथा 29 कानूनों को चार श्रम संहिताओं में कोविड के समय जब विपक्षी सांसदों को संसद से सस्पेंड किया हुआ था तब पास किया एवं 21 नवम्बर 2025 को लागू करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। जिनकों क अप्रेल 2026 को नियमों को लागू करने की तिथि निर्धारित की गई थी। उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं के द्वारा मजदूरों का क़ानून में कवरेज कम या खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि उद्योग की परिभाषा तथा लागू करने की सीमा को दस की जगह बीस ओर बीस की जगह चालीस एवं कई जगह पर पचास कर दिया है। कई क्षेत्रों में कानूनों के दायरे से ही बाहर कर दिया है। स्थाई आदेश, ले ऑफ छटनी एवं क्लोजर में 100 से 300 कर दिया है। इसी प्रकार वेतन की सीमाएं लगाई गई है। स्थाई रोजगार को फिक्स्ड टर्म में बदल दिया है। ठेका कामगारों के स्थायीकरण व समान काम के समान वेतन को खत्म कर दिया है। मालिकों की जेल की सजा जुर्माने में बदल दी है, तथा इनकी सुनवाई न्यायालयों की जगह प्रशासनिक अधिकारी करेंगे। यूनियन का गठन एवं संचालन मुश्किल कर दिया है। साथ ही मजदूरों को सजाएं बढ़ा दी है। हड़ताल के अधिकार एवं बारगेनिंग पावर को सीमित कर दिया है। इस प्रकार मजदूरों को गुलामी के समय में धकेलने की ओर अग्रसर कर दिया है। जिसके चलते पूरे देश में काला दिवस मनाया गया है।
इस दौरान सचिव बाबूलाल सैनी, तेजपाल गुर्जर, ओम प्रकाश लांबा, विनय त्यागी, महेंद सिंह, उम्मेद मीना, खुशी राम यादव ने भी संबोधित किया। संचालन कोलिहान शाखा के सचिव ओम प्रकाश चिरानी किया। इस मौके पर हाल में केसीसी मैनेजमेंट एवं एचसीएल/केसीसी मैनेजमेंट के साथ हुई सहमति एवं बातचीत के मुद्दे जिनमें ठेका कामगारों की वेतन बढ़ोतरी एवं सुविधाओं की महामंत्री ने जानकारी दी। कार्यकर्ताओं ने अंत में काला दिवस के बैनरों के साथ श्रम संहिताओं को वापस लेने के नारे लगाए गए।