कुलदीप व दाधीच ने क्रॉस वोटिंग करवाने के आरोपों को किया खारिज
अमित प्रजापत
सुजानगढ़ (नवयत्न)। उप सभापति पद पर भाजपा प्रत्याशी तनसुख प्रजापत की हार के बाद उन्होंने भाजपा के ही तीन नेताओं बाबूलाल कुलदीप, जयश्री दाधीच, पुरूषोतम शर्मा पर चुनाव हरवाने के लिए क्रॉस वोटिंग करवाने के गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बाबूलाल कुलदीप ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एक साथ 17 वोट क्रोस हो जाना अपने आप में चिंता का विषय है, लेकिन जिस प्रकार से तनसुख प्रजापत हम लोगों पर आरोप लगा रहे हैं, तो उनको अपने आरोप सबूत सहित साबित करने चाहिए। अगर वो अपने आरोप साबित करते हैं, तो मैं जो सजा पार्टी देगी भुगतने के लिए तैयार हूं। उन्होंने सतगुरू होटल में प्रेस वार्ता में बोलते हुए कहा कि जिस प्रकार से पार्टी को बदनाम करने का काम किया जा रहा है, वो अपने आप में निंदनीय है। उन्होंने व्यक्तिगत आक्षेपों का जवाब देते हुए कहा कि जिस भाजपा पार्टी को एससी की एक या दो सीटें ही मिलती थी, उस पार्टी को 9 सीटें मिली हैं। एससी का काफी बड़ा समर्थन इस बार भाजपा को मिला है। लेकिन उप सभापति के चुनाव से पहले दिन काफी पार्षद अपने घरों में थे, ऐसे में बिना जांच के किसी पर आरोप लगाना निराधार है। उन्होंने कहा कि दोषियों पर पार्टी जांच के बाद कार्यवाही करेगी, वो सबको स्वीकार होगा। दूसरी ओर भाजपा नेता कमल दाधीच ने कहा है कि जिस प्रकार से क्रोस वोटिंग को लेकर मेरी पत्नी जयश्री दाधीच पर आरोप लगाए जा रहे हैं, वो निराधार हैं। हम लोगों ने केवल उप सभापति के लिए दावेदारी की थी, इसका मतलब ये नहीं था कि हम क्रोस वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर क्रोस वोट हुआ है, तो क्या 17 वोट अकेली जयश्री दाधीच दे गई। दूसरी ओर पुतला जलाने के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग मेरे घर पर आए और प्रदर्शन करके पत्थर फेंके। इससे ओछी हरकत क्या हो सकती है। दाधीच ने कहा कि घटना के वक्त मेरे पिता और मेरी बेटी घर पर थे, जो पत्थर फेंके जाने से काफी डर गए। लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन इस प्रकार से निजी जिन्दगी पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर तनसुख प्रजापत लोकप्रिय होते, तो जरूर जीतते। नहीं जीते, तो पार्टी मामले की जांच करेगी, अब जनता को उकसाना उनको बंद करना होगा।