लिखमा का बास में पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन
लोसल,(नंदलाल गौड)27 मई। नोतपा में शेखावाटी भट्टी की तरह तप रही है इस तप रही गर्मी में गला तर करने के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है इसी तरह का मामला दांतारामगढ का लिखमा का बास का सामने आया है। दांतारामगढ के लिखमा का बास में कड़कड़ाती गर्मी के मौसम में पेयजल के लिए ग्रामीणों को विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। बुधवार को गांव के लोगों ने खाली बर्तन लेकर पानी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। मिली जानकारी के अनुसार गांव के लोगों को पीने के लिए पानी सुलभ कराने को लेकर जो तस्वीर सामने आई है वह जलदाय विभाग की लचर व्यवस्था की दास्तां बयां कर रही है। गांव में पानी की टंकी ओर ट्यूबवेल का संसाधन हैं लेकिन चार महीने से मोटर नहीं है । बिना मोटर ट्यूबवेल से पानी केसे उठाकर पेयजल की खाली टंकियां भरेगा। लेकिन इन ट्यूबवेलों को चलाने के लिए बिजली की मोटरों की कोई व्यवस्था नहीं होने से गांव में पानी की परेशानी बनी हुई है। लोगों को गला तर करने के लिए टेंकरो से पानी मंगवाकर लॉक डाउन में बेरोजगारी की मार के साथ ओर पानी की मार झेल रहे हैं। लोगों ने बताया कि एक टेंकर पानी मंगाने पर तीन सो रूपए की मार झेलनी पड़ रही है।