सुख-समृद्धि और विश्व शांति का प्रतीक है महायज्ञ – रामरतन दास महाराज
माजेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न) । मूंडरू कस्बे के जालपाली धाम में साकेतवासी संत रामलखन दास महाराज की धूणी धाम पर हरिचरण दास महाराज के सानिध्य में चल रहे 108 कुंडात्मक श्रीराम महायज्ञ के सातवें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बुधवार को डाकोर धाम के पीठाधीश्वर रामरतन दास महाराज पहुंचे। रामरतन महाराज ने प्रधान कुंड पर बैठकर महायज्ञ में आहुतियां प्रदान की। यज्ञ संयोजक सुदर्शन दास महाराज ने रामरतन दास महाराज को पुष्पमाला व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए रामरतन दास महाराज ने कहा कि लोक कल्याण और विश्व शांति के उद्देश्य से नौ दिवसीय भव्य महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। महायज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। वैदिक मंत्रोच्चार और आहुतियों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाता है। महायज्ञ के महत्व को बताते हुए मुख्य आचार्य श्रीनन्दन मिश्र ने कहा कि यह आयोजन आपसी सद्भाव और मानसिक शांति का सबसे बड़ा माध्यम है। महायज्ञ में 108 कुंडो पर 260 यजमान रोजाना आहुतियां प्रदान कर रहे है। सातवें दिन 7.50 लाख आहुतियां यजमानों द्वारा प्रदान की गई। सातवें दिन तक कुल 31लाख आहुतियां दी जा चुकी है। रोजाना नियमित भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु पंगत प्रसाद ग्रहण कर रहे है। वहीं महायज्ञ की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे है। यज्ञ पर्यवेक्षक राकेश शर्मा ने बताया कि सुबह 7.30 बजे से 12 बजे तथा दोपहर 2.30 बजे से शाम 6 बजे तक दो पारियों में यज्ञ सम्पन्न हो रहा है। पंडित विष्णु शर्मा अजीतगढ़ के द्वारा रोज़ाना मंदिर परिसर में रामार्चन, शिवार्चन और गवार्चन कराया जा रहा है। जिसके लिए रोजाना अलग अलग यजमान पूजा, अभिषेक और आरती करते है।