मरीजों से अनावश्यक वसूली ना करें निजी अस्पताल

मनमानी पर जिला कलक्टर ने दिखाई गंभीरता

चूरू,(पीयूष शर्मा)6 मई। कोरोना महामारी के इस दौर में जिले के निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों को उपचार से मना करने व कई मामलों में अनावश्यक वसूली की शिकायतों को कलक्टर संदेश नायक ने गंभीरता से लिया है। कलक्टर नायक ने आदेश जारी कर जिले के निजी अस्पतालों को निर्देशित किया कि ऐसी शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कानूनी कार्रवाई के साथ उन्हें आयुष्मान भारत-महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना से असंबद्ध कर दिया जाएगा। कलक्टर की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व आमजन को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के संंबंध में व्यापक लोकहित में सभी निजी चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया था कि वे अपनी ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित करते हुए समस्त आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएं। मगर देखने में आया कि कुछ निजी अस्पतालों में मरीजों का उपचार करने की बजाय उन्हें सरकारी अस्पतालों में रैफर किया जा रहा है।
लाभार्थी गरीबों से कर रहे अनावश्यक वसूली कलक्टर के आदेशों के मुताबिक प्रशासन की जानकारी में आया है कि आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना में एम्पैनल्ड अस्पताल, एनएफएसए व एसईसीसी श्रेणी के लाभार्थियों से अनावश्यक व्ययों के रूप में राशि वसूल की जा रही है। जो अनुचित व अनैतिक भी है।
आदेशों की अवहेलना करने पर अस्पताल होगा योजना से असंबद्ध कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि उक्त आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर ऐसे निजी चिकित्सालयों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल को वर्तमान फेज में ही आयुष्मान भारत महात्मा गांधी राजस्थान स्वास्थ्य बीमा योजना से असंबद्ध कर दिया जाएगा। बाद में भविष्य में भी एम्पैनल नहीं किया जाएगा।

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