424 रोगियों का हुआ मोबाइल ओपीडी में इलाज
मंगलवार को जिले के 14 गांवों में लगे शिविर
सीकर,(जी एल सैनी)12 मई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल ओपीडी यूनिट सेवा आमजन के लिए उपयोगी साबित हो रही है। इसके तहत मंगलवार को जिले के 14 गांवों में शिविर लगाए और रोगियों का चिकित्सकों ने उपचार कर निशुल्क दवाइयां दी। मोबाइल ओपीडी यूनिट के माध्यम से लोगों को उनके गांव, ढाणी में ही चिकित्सकीय परामर्श, उपचार व निशुल्क दवा की सेवाएं उपलब्ध हो रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय चौधरी ने बताया कि मंगलवार को जिले के 14 गांवों में लगाए शिविरों में 174 पुरूष, 192 महिलाएं और 58 बच्चों का मोबाइल ओपीडी यूनिट सेवा के तहत उपचार किया गया। इस दौरान 29 गर्भवती महिलाओं के भी स्वास्थ्य की जांच की गई। गांवों में लगे शिविर में 80 लोग खांसी से पीडि़त पाए गए। वहीं 9 बुखार, 17 मधूमेह और 42 हाइपर टेंशन की बीमारी से ग्रसित पाए गए। इन सभी रोगियों का उपचार कर निशुल्क दवा उपलब्ध करवाई गई है। 57 रोगियों की जांच की गई।
सीएमएचओं डॉ चौधरी ने बताया कि कोविड 19 संक्रमण और लोकडाउन को देखते हुए जिन गांवो में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच कम है। वहीं लोकडाउन के कारण आमजन अस्पताल नहीं पहुंच सकते हैं, उन गांवो में लोगों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से मोबाइल ओपीडी यूनिट वाहन सेवा शुरू की है। इसके तहत विभाग की एमएमवी व एमएमयू द्वारा आमजन को प्राथमिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने बताया कि दांता ब्लॉक में लामिया तिराया खाटू में लगे शिविर में 19 रोगियों का उपचार किया गया। वहीं पिपराली ब्लॉक के नाडा की ढाणी शिवनगर में लगे शिविर में 47 रोगियों का उपचार किया गया। वहीं कूदन ब्लॉक के मुण्डवारा शिविर में 55 तथा अमरपुरा में लगे शिविर में 21 रोगियों का उपचार किया गया।
सीएमएचओं डॉ चौधरी ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ के बोची में लगे शिविर में 17 तथा तीरवा में लगे शिविर में 21 रोगियों का उपचार किया गया। नीमकाथाना ब्लॉक के किरोड में लगे शिविर 13 और ढाणी टेटेडरी में लगे शिविर में 11 रोगियों का उपचार किया गया। वहीं फतेहपुर ब्लॉक में रामगढ रूरल में शिविर में 34 और मुख्य चौक रामगढ में लगे शिविर में 19 रोगियों का उपचार किया गया। खण्डेला ब्लॉक के घसीपुरा में 62 और मनपुरा में लगे शिविर में 37 रोगियों का उपचार किया गया। श्रीमाधोपुर ब्लॉक के शेरूवाली (सिमरला) में लगे शिविर में 32 और सिहोरी में लगे शिविर में 36 रोगियों का उपचार किया गया।