सांसद ओला गणमान्य सूची से नदारद

संजय सोनी 

झुंझुनू (नवयत्न)। पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान का जिला स्तरीय कार्यक्रम बुधवार को गोपाल गौशाला, झुंझुनू में संपन्न हुआ, लेकिन कार्यक्रम के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। झुंझुनू के कांग्रेस सांसद बृजेंद्र सिंह ओला, जिन्होंने हालिया लोकसभा चुनाव में 553168 वोट हासिल किए, उन्हें इस महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में आमंत्रित तक नहीं किया गया।

इतने बड़े जनादेश से चुने गए सांसद की अनदेखी को लेकर अब राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कार्यक्रम में विधायक, पूर्व सांसद, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारियों सहित गण मान्य जनों को आमंत्रित किया गया था लेकिन विभागीय पत्र के अनुसार मौजूदा सांसद बृजेंद्र सिंह ओला को कार्यक्रम के लिए नहीं बुलाया गया। ऐसे में जिले के सबसे बड़े निर्वाचित प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी सवालों के घेरे में है। जनादेश की अनदेखी बना मुद्दा 553168 मतों का समर्थन झुंझुनू की जनता की मजबूत आवाज को दर्शाता है, ऐसे में उस प्रतिनिधि को ही कार्यक्रम से बाहर रखना जनता के जनादेश की अनदेखी के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशासनिक चूक या …?

 

 

निमंत्रण सूची में सांसद का नाम नहीं होना अब केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस खेमे में इसको लेकर नाराजगी है, वहीं प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

उठते बड़े सवाल

क्या यह सिर्फ लापरवाही है या जानबूझकर किया गया फैसला?

क्या सरकारी कार्यक्रमों में अब राजनीतिक चयन शुरू हो गया है?

क्या इतने बड़े जनादेश को नजरअंदाज करना उचित है?

जनभागीरथी या कांग्रेस बनाम भाजपा

“वंदे गंगा” जैसे जनभागीदारी वाले अभियान में, जहां हर वर्ग की भागीदारी जरूरी मानी जाती है, वहां 5.53 लाख से अधिक वोट हासिल करने वाले सांसद को नजरअंदाज करना पूरे आयोजन की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर रहा है।लोगों का मानना है कि यह कांग्रेस बनाम भाजपा की जंग है।

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