सीवर सफाई कार्मिकों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम की विशेष पहल
डी. के. सैनी
जयपुर (नवयत्न) । सफाई कार्मिकों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा सोमवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान, जेएलएन मार्ग में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में संवेदकों, सुपरवाइजर एवं श्रमिकों को एक ही मंच पर बुलाकर व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
नगर निगम द्वारा सफाई कार्मिकों की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हाईटेक ऑटो सक्शन मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जो सीवर सफाई के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। इस अत्याधुनिक मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सीवर लाइनों में जमा गंदगी, कचरे एवं अवरोधों को स्वचालित रूप से उच्च क्षमता वाले सक्शन के माध्यम से बाहर खींच लेती है। यह मशीन न केवल सफाई कार्य को तीव्र गति से सम्पन्न करती है, बल्कि मानवीय जोखिम को लगभग शून्य के स्तर पर ले आती है जो मुख्यमंत्री जी की उस सोच का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें तकनीक को मानव श्रम का विकल्प बनाकर सफाई कार्मिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां प्रदान करने का लक्ष्य है। कार्यशाला के दौरान इस हाईटेक ऑटो सक्शन मशीन का लाइव प्रदर्शन कर संवेदकों एवं सुपरवाइजरों को आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यशाला में सीवर लाइनों के संधारण एवं सफाई कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रावधानों की पालना, नमस्ते पोर्टल पर पंजीकरण एवं कार्यों की ऑनलाइन रिकॉर्डिंग तथा सीवर चैम्बर में उतरने से पूर्व अनिवार्य सुरक्षा उपकरण पहनने की सम्पूर्ण प्रक्रिया का विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। माननीय मुख्यमंत्री जी की दूरदर्शी सोच को मूर्त रूप देते हुए नगर निगम की अत्याधुनिक जेटिंग मशीनों, सकर मशीनों एवं आधुनिक च्च्म् उपकरणों का लाइव डेमो भी आयोजित किया गया।
विशेषज्ञ सत्र को संबोधित करते हुए नगर निगम आयुक्त ने सफाई कार्मिकों के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक सफाई कार्मिक का जीवन अमूल्य है और नगर निगम की यह प्रतिबद्धता है कि तकनीक एवं उचित प्रशिक्षण के माध्यम से उनके कार्य को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं मानवीय गरिमा के अनुरूप बनाया जाए।
नगर निगम की यह सराहनीय पहल सफाई कार्मिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करती है कि जयपुर में मानवीय गरिमा के साथ सफाई कार्य सम्पन्न हो और यह कदम अन्य नगर निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बने।