डीडवाना में अजमीढ़ धाम संरक्षक नारनौली का सम्मान
हर्ष सोनी
झुंझुनू (नवयत्न)। मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज (डीडवाना-मौलासर-छोटी खाटू) के तत्वावधान में डीडवाना में अजमीढ़ जयंती महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सती सावित्री के मंगलपाठ का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर पंच दशनाम जूना अखाड़ा की श्रीश्री 1008 साध्वी ईश्वरीनंद गिरी उदयपुर के सानिध्य में मंगलपाठ का आयोजन किया गया। रवीश एवं सोनम ने मंगलपाठ की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। समारोह में मुख्य अतिथि अजमीढ़ धाम के संरक्षक नरेश नारनौली सिंघाना, महावीर प्रसाद जाटावत एवं मनोज सारड़ीवाल, विशिष्ट अतिथि चांदमल नारनौली, दिनेश कटराथला आदि का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह में वक्ताओं ने आदि पुरुष महाराजा अजमीढ़ के जीवन एवं समाज के लिए उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराजा अजमीढ़ को चंद्रवंश के महान प्रतापी सम्राट तथा पौरव वंश के महान वंश प्रवर्तक के रूप में माना जाता है। समाजबंधुओं ने उनके आदर्शों और गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज की एकता एवं विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया।