पीड़ित मानव की सेवा ही सबसे बड़ा पुण्य कार्य-डॉ. ढूकिया

नर्सिंग डे मनाया

झुंझुनूं,(अश्वनी शर्मा)12 मई। जिला मुख्यालय स्थित ढूकिया हॉस्पीटल में नर्सिंग डे मनाया गया। नर्सिंग की जन्मदात्री के जन्मदिन को नर्सेज डे के रूप में मनाये जाने के अवसर पर डॉ. मोनिका ढूकिया ने कहा कि आधुनिक नर्सिंग की फाऊडर फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म इटली के फ्लोरेंस में हुआ था। आज विश्वभर में कोरोना बीमारी से सभी दु:खी है।
इसी तरह 1853 में क्रीमिया युद्व के दौरान फ्लोरेंस को तुर्की के सैन्य हॉस्पीटल भेजा गया तो उन्होने देखा कि वहा सफाई नहीं है और यह लोग संक्रमण की वजह से मारे जायेंगे तो उन्होने सबसे पहले सफाई, अच्छा खाना व साफ  कपड़ो की व्यवस्था की बाद में जांच में पाया गया कि 18 हजार सैनिकों में से 16 हजार सैनिकों की मौत गंदगी और संक्रामक बीमारियों से हुयी हैं।
अत: हमें इस अवसर पर शपथ लेनी चाहिये कि हम अस्पताल की सफाई, रोगी के ईलाज के साथ-साथ संक्रमण बचाव की जानकारी देना, जागरूक करना हौसला बढ़ाना व अकेलापन को दूर करते हुए सही देखभाल करना जरूरी है। इस महामारी में नर्सिंग कर्मी का दायित्व सबसे ज्यादा है क्योंकि रोगी के पास ज्यादा समय नर्सिंगकर्मी ही व्यतीत करता है अत: फ्लोरेंस के बताये मार्ग पर चले व मानव सेवा करें। पीड़ित रोगी की सेवा से बड़ा कोई पुण्य कार्य नही हैं।
इस अवसर पर विकास ढूकिया, डॉ. अमित उदयपुरिया, डॉ.संगीता उदयपुरीया, डॉ. पवन टण्डन, डॉ. अमित चाहर, डॉ. आनन्द बुडानिया ने सभी को बधाई दी व केक काटकर नर्सिंग कर्मीयों एवं चिकित्साकर्मीयों ने शपथ ली कि इस कोरोना महामारी को खत्म कर के ही दम लेंगे।

 

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