पाटनवाटी के छोटे से गांव का लाल कोरोनाकाल में दे रहा है निरंतर सेवा

पाटन,(प्रवीण कुमार योगी)26 मई। जब संपूर्ण विश्व वैश्विक महामारी से जूझ रहा है उसी दौरान पाटन के निकटवर्ती ग्राम कोला की नांगल के डॉक्टर रोहिताश्व शर्मा पुत्र राजेंद्र प्रसाद शर्मा निरंतर अपनी सेवाएं राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय काछोला (मांडलगढ़) में बतौर आयुष चिकित्सक के रूप में दे रहे हैं।

डॉक्टर रोहिताश्व बताते हैं कि प्रशासन की एडवाइजरी को जनसाधारण द्वारा आत्मसात नहीं किया जाना ही संक्रमित मामलों में तीव्रता का कारण है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं राजस्थान सरकार द्वारा निर्देशित की गई आयुर्वेदिक औषधियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता क्वाथ एवं अश्वगंधा चूर्ण संक्रमित मरीजों को दोनों समय (सुबह-शाम) दिया जा रहा है। जिससे मरीजों में तीव्रता से सुधार हो रहा है और इसी कारण भीलवाड़ा मॉडल तैयार हो पाया।

सभी लोगों को प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पूर्ण पालन करके, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को निरंतर बढ़ाते हुए इस भयावह महामारी से छुटकारा पाया जा सकता है। वैसे हमारे देश के लिए यह खुशी की बात है कि अन्य देशों के मुकाबले हमारे यहां की मृत्यु दर एवं सुधार दर बेहतर हैं। डॉ शर्मा द्वारा समय-समय पर इस भयावह वैश्विक महामारी से बचाव के उपायों को भी सार्वजनिक मंचों पर साझा कर रहे हैं।

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