तेरापंथ स्थापना दिवस पर धर्मसभा आयोजित
ललित दाधीच
राजलदेसर (नवयत्न) । युग प्रधान आचार्य महाश्रमण की विदुषी सुशिष्या साध्वी मानकुमारी के पावन सान्निध्य में 267वें तेरापंथ स्थापना दिवस एवं तप अभिनंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धर्मसभा के साथ 11 वर्षीय बाल तपस्वी ऋषि पुत्र जितेन्द्र बैद के 15 उपवास पूर्ण होने पर उनका सम्मान एवं अभिनंदन किया गया। धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी मानकुमारी ने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ के संस्थापक आचार्य भिक्षु का व्यक्तित्व विलक्षण था। उनके द्वारा स्थापित तेरापंथ धर्मसंघ एक गुरु, एक अनुशासन की विशेषता के कारण विश्वभर में अपनी अलग पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आज तेरापंथ जन-जन का पंथ बन चुका है। उन्होंने बाल तपस्वी ऋषि की तपस्या की सराहना करते हुए कहा कि मात्र 11 वर्ष की आयु में 15 उपवास करना अत्यंत प्रेरणादायी है। यह उनके दृढ़ मनोबल और आध्यात्मिक साधना का परिचायक है। उन्होंने बताया कि ऋषि इससे पूर्व अठाई, नौ एवं ग्यारह उपवास भी कर चुके हैं। साध्वी श्री ने ऋषि की तपस्या की अनुमोदना करते हुए उनकी माता हेमा बैद को भी इस आध्यात्मिक संस्कार के लिए साधुवाद दिया।कार्यक्रम में साध्वी कुशलप्रज्ञा, चैत्यप्रभा, कीर्तिरेखा एवं कमलयशा ने गीत एवं प्रेरक वक्तव्यों की प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मंडल ने भी सामूहिक रूप से सुमधुर मंगल गीत प्रस्तुत कर तपस्या की अनुमोदना की।बाल तपस्वी ऋषि के अभिनंदन अवसर पर परिजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। हेमा बैद, नेहा बैद, मैत्री, हितांक्षी, छवि बैंगानी, निशांत, शशि जैन सहित अन्य परिजनों ने तपस्या की अनुमोदना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष राजकुमार विनायक, महिला मंडल मंत्री मोनिका बैद तथा मंजु देवी बाफना ने भी अपने विचार व्यक्त किए। तेरापंथ सभा एवं महिला मंडल की ओर से बाल तपस्वी ऋषि का मोमेंटो एवं धार्मिक साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम का सफल संचालन साध्वी इन्दुयशा ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही।