एसपी ने माना कुछ सिपाही व कनिष्ठ अधिकारी चाहते हैं तबादला
प्रेस वार्ता का आयोजन
सादुलपुर,(राजेश राजपूत)25 मई। थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई आत्महत्या मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने माना कि थानाधिकारी विष्णुदत्त ने रोजनामचे में दबाव होने की बात अंकित की थी। पुलिस अधीक्षक तेजस्वीनि गौतम ने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान यह बात कही। उन्होंने पुलिस थाना स्टॉफ की ओर से स्वैच्छिक स्थानांतरण करवाने के लिए आईजी को सौंपे गए ज्ञापन के संबंध में कहा कि इसी संबंध में मैं राजगढ़ आई हूं। मैंने स्टॉफ से बात की है और अधिकांश स्टॉफ ने यह कहा है उन्होंने भावना में बहकर यह अनुरोध कर दिया पर साथ ही एसपी ने यह भी माना कि कुछ सिपाही व कनिष्ठ अधिकारी यहां से तबादला भी चाहते हैं।
एसपी ने बताया कि मैं सिपाहियों आदि से व्यक्तिगत रूप से मिलकर जानकारी के लिए यहां आई हूं। इसके अलावा कई जवानों ने पहले से ही स्थानांतरण की एप्लीकेशन दे रखी है। जवानों से वार्ता कर विभाग के उच्चाधिकारियों की राय एवं सुझाव से उचित कार्रवाई करेंगी। आत्महत्या मामले में थानाधिकारी विष्णुदत्त के भाई की ओर से दर्ज मामले में रोजनामचे में थानाधिकारी की ओर से डाली गई रिपोर्ट के संबंध में एसपी ने बताया कि सीआईडी एसपी जांच कर रहे हैं। जिसके बाद ही वास्तविकता का खुलासा होगा। वहीं अनेक लोगों ने जवानों पर पुलिस प्रशासन के दबाव डालकर मामले को दबाने का भी आरोप लगाया है।
इस संबंध में भाजपा के जिला परिषद् सदस्य कुलदीप पूनिया ने कहा कि जवानों ने भावनाओं में नहीं बल्कि घटना के बाद आक्रोश जताते हुए राजनीतिक दबाव का आरोप लगाकर स्वैच्छा से दूसरे थानों में स्थानांतरण की मांग की थी। पूनिया सहित भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि जांच हो रही है तथा निश्चित रूप से दूध का दूध एवं पानी का पानी होगा। लेकिन थानाधिकारी की मृत्यु के बाद उनके परिवार की ओर से परंपराओं का निर्वहन होने के बाद रोजनामचे में डाली गई रिपोर्ट की कॉपी नियमानुसार प्राप्त करने का काम करेंगे तथा हर हाल में विश्नोई को न्याय दिलाने का प्रयास करेंगे। वहीं पुलिस थाने के जवान एवं स्टॉफ आज भी भयभीत हैं। अनेक जवानों से वार्ता करने के प्रयास के दौरान उनके चेहरों पर साफ भय देखा गया लेकिन बोलने से इंकार कर दिया। वहीं कुछ लोगों ने नौकरी करने का कहकर मामले को नजर अंदाज कर दिया।