सीमाजन कल्याण समिति की ओर से खाजूवाला में सीमाजन छात्रावास का भूमि पूजन किया
श्रीराम तिवाड़ी
नोखा (नवयत्न ) । सीमाजन कल्याण समिति राजस्थान के तत्वावधान में गुरुवार को खाजूवाला में खेल मैदान के सामने संत दुलाराम कुलरिया स्मृति सीमाजन छात्रावास का भूमि पूजन किया गया। छात्रावास का निर्माण सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए किया जा रहा है। समिति के जिलाध्यक्ष धनपत राय बाफना ने बताया कि सीमा जागरण मंच के प्रथम राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रद्धेय राकेश कुमार स्मृति परिसर में भामाशाह नरसी कुलरिया ने अपने पिता गोसेवी संत श्री दुलाराम कुलरिया की स्मृति में छात्रावास निर्माण का संकल्प लिया है।
मुख्य अतिथि निंबाराम ने कहा कि देश और समाज सेवा के लिए समर्पित व्यक्ति ही सच्चा भामाशाह कहलाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह छात्रावास हजारों विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। निंबाराम ने भामाशाह की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जीवन भी क्या जीवन है जो देश के काम नहीं आ सका। भारतीय संस्कृति में दान केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व का प्रतीक माना गया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी कमाई और संसाधनों को समाजहित में समर्पित करता है, वही सच्चे अर्थों में भामाशाह कहलाने योग्य होता है। नरसी कुलरिया परिवार द्वारा अपने पिता संत दुलाराम कुलरिया की स्मृति में किया जा रहा यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है। कार्यक्रम में नरसी ग्रुप ऑफ कंपनी के चेयरमैन व भामाशाह नरसी कुलरिया ने कहा कि सीमाजन कल्याण समिति सुरक्षा, स्वावलंबन और एकता का संदेश देते हुए सीमावर्ती नागरिकों में राष्ट्रीय सुरक्षा की भावना जागृत करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की कमाई तभी सार्थक होती है जब उसका उद्देश्य सेवा हो। इससे पहले अतिथियों ने मंत्रोच्चारण के बीच भूमि पूजन कर नींव की ईंट रखी तथा छात्रावास के शीघ्र निर्माण की मंगलकामनाएं कीं। सींथल पीठाधीश्वर क्षमाराम महाराज ने छात्रावास निर्माण को सीमावर्ती क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा क्षेत्र में श्रेष्ठ योगदान बताया। उन्होंने कहा कि पुण्यात्मा की स्मृति में किया गया पुण्य कार्य आने वाली पीढ़ियों को गौरवान्वित करता है। अध्यक्षीय उद्द्बोधन में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के अध्यक्ष गणेश बोथरा ने सीमाजन कल्याण समिति के कार्यों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र के नागरिकों के लिए किए जा रहे प्रयास ‘सुरक्षित सीमा, सशक्त भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रहे हैं।
सीमा जन कल्याण समिति के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह भाटी ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विभाग प्रचारक विनायक, संगठन मंत्री स्वरूपदान, नोखा से लिखमाराम, सतीश झंवर, मूलचंद तावनिया, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, अमरा राम चुयल, चम्पालाल सुथार, उगमाराम कुलरिया, नोखा नगरपालिका पूर्व अध्यक्ष निर्मल भूरा, जिया राम सुथार, मांगीलाल सुथार, प्रेम कुलरिया, गंगाराम पारीक, देवकिशन सुथार, मुत्रीलाल सुथार, छगनलाल, भोमराज सुथार, विनोद कुलरिया, तिलोक एंकर, नीमाराम ओसिया, पुखराज सुथार, रामरतन सुधार, पवन सुथार, किसन और कानदास आदि उपस्थित रहे।