टोंक के मोगरा व्यवसाय को करोड़ों का नुकसान ही नहीं अमानत राशि भी डूबी
टोंक के मोगरा की खुशबू की अलग ही पहचान हैं, पांच दिन तक बर्फ में रखने के बाद भी खराब नही होता
टोंक,(दिनेश शर्मा)28 मई। न केवल जयपुर बल्कि कोटा तक अपनी खुशबू की महक फैलाने वाला टोंक का मोगरा कर्फ्यु के कारण पेड़ो पर ही मुरझा करके गिर रहा है। कोरोना कर्फ्यु से हजारों फूल मालियों की मेहनत तो कई लोंगो की अमानत राशि डूबो दी वहीं करोड़ो रुपयों के व्यवसाय को चौपट कर दिया।
टोंक में सैकड़ों परिवार मोगरा के फूलों का व्यवसाय करते है जो बाग मालिक है वह साल भर तक मोगरा के पेडो की देखभाल करते है जिसका मोगरे के सीजन में ठेका देकर वर्ष भर तक उससे होने वाली आय से जीवन यापन करते है। इस साल भी लोंगो ने मेहनत करके मोगरा के फूलों के पेड़ों को तैयार किया था। जिसका फूल व्यवसाइयों को ठेका भी दे दिया था जिसकी अमानत राशि भी ले चुके थे, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण टोंक में ही नही बल्कि जयपुर व कोटा सहित बड़े शहरों में कर्फ्यु व लॉक डाउन हो जाने से मोगरा व्यवसाय चौपट हो गया। जिस कारण छोटे फूल व्यवसायीओं ने जो मोगरा के बागों की अमानत राशि दी थी वो डूब गई इतना ही नही कमाना तो दूर रहा उल्टे गांठ की ही नही कई ने तो ब्याज से रकम लेकर बाग का ठेका लिया था जिनके लिए कर्जा चुकाना भी भारी पड़ रहा है।
मोगरा फूलों के व्यवसायी हनुमान सैनी का कहना है कि एक बीघा मोगरे के बाग का खर्चा दो लाख रुपये होता है जिससे सीजन में चार से पांच लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। लेकिन इस साल तो नवरात्रा से ही लॉक डाउन होने के कारण कमाई ही नही हो पाई बल्कि काफी लोंगो ने मोगरा के सीजन में कमाई की उम्मीद लेकर मोगरा के फूलों की बाग के लिए अमानत राशि दी थी वह भी डूब गई।
निर्मला सैनी का कहना है कि टोंक का मोगरा अपनी खुशबू के लिए अलग ही पहचान रखता है, यह देशी मोगरा होने के कारण इसको बर्फ में पांच दिन तक रखा जा सकता है जो खराब नही होता। रमेश माली ने बताया कि टोंक का मोगरा के फूल जयपुर, कोटा, अजमेर सहित इंदौर तक सप्लाई होता है। जयपुर में टोंक का मोगरा 400 से लेकर 500 रुपये किलो के भाव से मिलता है। एक अनुमान है कि टोंक से एक सीजन में करीबन आठ करोड़ रुपये से अधिक का मोगरा के फूलों का व्यवसाय होता है। लेकिन इस सीजन में न तो मोगरा उत्पादकों न ही मोगरा का व्यवसाय करने वालों तथा मोगरा की माला व गजरे बनाने वालों का धंधा चौपट हो गया। मोगरा के फूलों का व्यवसाय घाटे का सौदा साबित हो गया,ऐसी हालत में मोगरे के व्यवसाय के लिए लिया गया कर्जा भी चुकाना भारी पड़ रहा है।