किसान को राहत: उपज गिरवी रख 70 फीसदी कर्जा ले सकेंगे धरती पुत्र

11 नहीं अब तीन फीसदी ब्याज पर मिलेगा रहन कर्ज

चूरू,(पीयूष शर्मा)17 मई। सहकारिता विभाग की सहकार किसान कल्याण योजना में अब किसान को उसकी खेती संबंधी जरूरतों के लिए रहन कर्जा 11 की बजाय तीन फीसदी ब्याज दर पर मिलेगा।

राज्य सरकार के आदेशों के मुताबिक ब्याज दर में नौ फीसदी की कटौती की गई है। कृषि उपज मंडी के सचिव सुनील गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसी क्रम में किसानों के हित में सस्ती ब्याज दरों पर उनकी कृषि उपज रहन रखे जाने की सुविधा उपलब्ध करवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।

चार हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर मिलेगा ऋण
योजना के मुताबिक राजस्थान राज्य की लगभग चार हजार ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर किसान अपनी कृषि उपज लेकर आएगा। सहकारी समितियां किसान की उपज का मूल्य आंककर उपज को अपने गोदामों में रहन (गिरवी) रखेगी। उपज की मूल्यांकित की गई कीमत का अधिकतम 70 प्रतिशत तक ऋण किसान ले सकेगा। ऋण लेकर समय पर अन्य कर्ज चुकने से कृषि उपज के उचित भाव आने पर बेचने का अवसर मिलेगा और ये ऋण सुविधा किसान को उसके गांव के पास ही मिल सकेगी।

किसान को मजबूरन बेचनी पड़ती है कृषि उपज
राज्य में सामान्यतया फसल कटने के समय कृषि उपज के भाव कम होते हैं। काश्तकार को अपनी घरेलू, निजी आवश्यकताओं की पूर्ति व संस्थागत ऋण चुकाने के लिए अपनी कृषि उपज तत्काल बाजार में मजबूरन कम मूल्य पर बेचनी पड़ती है। या फिर बिचौलियों को अपनी फसल को रहन कर ऊंची ब्याज दर पर राशि की व्यवस्था करनी पड़ती है। फलस्वरूप काश्तकारों को उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता।

कृषक कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपए का अनुदान तय
ऋणी किसानों से तीन फीसदी की दर से ब्याज लेने के कारण रही ब्याज की अंतर राशि के भुगतान के लिए राजस्थान स्टेट कॉ-ओपरेटिव बैंक लिमिटेड को राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड में संधारित कृषक कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपए तक का अनुदान प्रतिवर्ष देने का प्रावधान तय किया गया है।

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