35 वर्षों की प्रतीक्षा हुई समाप्त, नरसीराम को मिला आवासीय भूमि का पट्टा
निसं
बीकानेर (नवयत्न)। ग्रामीण सेवा शिविर केवल योजनाओं की जानकारी देने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान कर आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त मंच बनते जा रहे हैं। इसका प्रेरक उदाहरण ग्राम पंचायत पिथरासर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में देखने को मिलाए जहां नरसीराम पुत्र नारायणराम मेघवाल को 35 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। नरसीराम वर्षों से अपने परिवार सहित निवास कर रहे थे, लेकिन विभिन्न कारणों से उन्हें आवासीय भूमि का स्वामित्व अधिकार प्राप्त नहीं हो सका था।
कई बार प्रयास करने के बावजूद पट्टा जारी नहीं हो पाने के कारण उनका परिवार असुरक्षा और अनिश्चितता की स्थिति में जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान पंचायती राज विभाग द्वारा उनके प्रकरण की गंभीरता से जांच की गई तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर नरसीराम को शिविर स्थल पर ही आवासीय भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने पर उनके परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
पट्टा प्राप्त करने के पश्चात भावुक होते हुए नरसीराम ने कहा मैं पिछले 35 वर्षों से अपने घर की जमीन का कानूनी अधिकार मिलने की प्रतीक्षा कर रहा था। आज ग्रामीण सेवा शिविर के माध्यम से मुझे यह अधिकार प्राप्त हुआ है। अब मेरे परिवार को स्थायित्व और सुरक्षा का भरोसा मिला है। इसके लिए मैं राज्य सरकार और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यह उदाहरण दर्शाता है कि ग्रामीण सेवा शिविर केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन की उम्मीदों को पूरा करने और वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप पात्र व्यक्तियों को उनके अधिकार दिलाना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।