पीटीआई भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री रैकेट : मुख्य दलाल पंकज जैन गिरफ्तार

निसं
जयपुर (नवयत्न) । राजस्थान में सरकारी भर्तियों में फर्जी डिग्रियों के जरिए नौकरी दिलाने वाले गिरोहों पर शिकंजा कसते हुए स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने कार्रवाई करते हुए शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती परीक्षा-2022 में उत्तर प्रदेश की यूनिवर्सिटी से बैक डेट में फर्जी बीपीएड (बी.पी.एड.) डिग्री दिलाने वाले मुख्य दलाल पंकज कुमार जैन (42) निवासी करवर जिला बूंदी हाल चित्रकूट जयपुर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित को जयपुर के चित्रकूट क्षेत्र से दबोचा गया है। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
एसओजी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में जे.एस. यूनिवर्सिटी, शिकोहाबाद (उत्तर प्रदेश) से जारी फर्जी बीपीएड डिग्रियों के मामले में एसओजी ने दर्ज प्रकरण के तहत जांच की जा रही है।
जहां जांच में सामने आया कि पंकज कुमार जैन ने अपने सहयोगी पवन सिंह चौहान उर्फ पीएस चौहान के साथ मिलकर भर्ती के एक अभ्यर्थी राजेश कुमार फागणा को फर्जी बीपीएड डिग्री और मार्कशीट उपलब्ध कराने के लिए 1 लाख 30 हजार रुपए में सौदा किया था। इसके बाद आरोपी ने जेएस यूनिवर्सिटी के चांसलर सुकेश कुमार और रजिस्ट्रार नंदन कुमार मिश्रा से मिलीभगत कर पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी राजेश फागणा का यूनिवर्सिटी में शिक्षा सत्र 2020-22 में बैक डेट में प्रवेश दर्शाया गया, जबकि उसे सत्र 2017-19 के चारों सेमेस्टर की फर्जी मार्कशीटें जारी कर दी गईं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने शारीरिक शिक्षक के पद पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली।
एसओजी एडीजी बंसल ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल फर्जी डिग्री रैकेट में जे.एस. यूनिवर्सिटी के चांसलर, रजिस्ट्रार समेत तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य दलाल पंकज जैन की गिरफ्तारी के बाद अब जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
एसओजी अब रिमांड अवधि के दौरान यह पता लगाने में जुटी है कि पंकज जैन ने राजस्थान के कितने अन्य अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश की इस यूनिवर्सिटी से फर्जी डिग्रियां दिलवाईं। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में भर्ती घोटाले से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।
एसओजी अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में फर्जी डिग्री रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।

You might also like