108 कुण्डात्मक श्री गोपाल गौपुष्टि महायज्ञ के दूसरे लगी 7 लाख 11 हजार आहुतियां
महेंद्र खडोलिया
श्रीमाधोपुर (नवयत्न)। कालाकोटा के 700 वर्षों के प्राचीनतम दाऊधाम में परमपूज्य अनंत विभूषित श्रीमद् जगतगुरु बाहुबल द्वाराचार्य पीठाधीश्वर बलदेवाचार्य महाराज संत के सानिध्य एवं भोलाशंकर महाराज एवं विनोद दास महाराज के कुशल निर्देशन में चल रहे 108 कुण्डात्मक श्री गोपाल गौपुष्टि महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं एवं भक्तगणों का जन सैलाब उमड़ पड़ा।श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान की परिक्रमा लगाकर आशीर्वाद लिया तथा सुख,समृद्धि, खुशहाली की कामना की । यज्ञाचार्य पं. चिरंजीवी शास्त्री के आचार्यत्व में यजमान जोड़ो ने 7 लाख 11 हजार आहुतियां दी । प्रधान कुंड पर संत बलदेव दास महाराज, वृंदावन के श्रीजी महाराज, विनोद दास महाराज, भोलाशंकर दास महाराज, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा, डॉ.मंगल यादव, मोनिका यादव ने आहुतियां दी । वृंदावन के श्री जी महाराज ने श्रीकृष्ण भगवान की लीला के बारे में तथा राधा रानी के भाव के बारे में बताया । उन्होंने बृज भाषा में राधा -रानी का भजन सुनाकर यजमान जोड़ों को आशीर्वाद दिया ।

महायज्ञ में चल रही रास लीला में भगवान श्रीराम के जन्म का चित्रण किया गया। बताया गया है कि गुरुवार 19 मार्च को विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुए इस महायज्ञ में संत महात्माओं, भक्तगणों श्रृद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों का जबर्दस्त जमावड़ा देखने को मिला। कलश यात्रा में संत महात्माओं की आकर्षक शोभायात्रा हाथियों पर विराजमान होकर निकाली गई जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ड्रोन से हुई पुष्प वर्षा ने कलश यात्रा को और अधिक आकर्षक बना दिया। कलश यात्रा दाऊधाम स्थित शिव मंदिर से शुरू होकर नंदी गौशाला होते हुए कालाकोटा गांव के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई यज्ञशाला तक पहुंची। जगह जगह श्रद्धालुओं के लिए शर्बत और ठंडे पानी की सुंदर व्यवस्था व्यवस्था देखने को मिली। यज्ञाचार्य पण्डित चिरंजीव शास्त्री की टीम के 251 विद्वान पण्डितों ने महायज्ञ का बीड़ा उठा रखा है जिनमें से 108 विद्वान पण्डित तो श्री गोपाल सहस्रनामावलीमें व्यस्त रहेंगे और बाकी के विद्वान पण्डित यज्ञ कार्य में जुटे रहेंगे। ब्रह्म पण्डित राजकुमार शास्त्री ने बताया कि प्रधान कुण्ड पर परमपूज्य अनंत विभूषित श्रीमद् जगतगुरु बाहुबल द्वाराचार्य पीठाधीश्वर बलदेवाचार्य महाराज विराजमान रहेंगे जिसमें आगंतुक संत महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग आहुतियां देंगे।
महायज्ञ के पहले पहले दिन कलश यात्रा में श्रीमाधोपुर विधायक एवं राजस्थान सरकार में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी अपने लवाजमे के साथ पंहुचे थे। कलश-यात्रा में खेमजी धाम के भींवादास महाराज, धना पीठाधीश्वर, निमोद के किशनदास महाराज, निंबार्क रतन मनोहरशरणदास महाराज, दिवराला के किशनदास महाराज, कुंडा धाम के प्रहलाद दास महाराज,भारुपुरा धाम के बनवारीदास महाराज, सीताराम धाम टोडा के रामस्वरूप दास महाराज, लीलका धाम के रामदास महाराज,झड़ाया के सीताराम दास महाराज, खेड़ा धाम के रतिराम दास महाराज एवं दरीबा के दादा गुरु ब्रह्मदास महाराज प्रमुख रुप से शामिल रहे। इसके अलावा सांवलपुरा के दीपक पण्डित, टोडा चीपलाटा मंडल अध्यक्ष अरुण शर्मा, रघुवीर पटेल, भामाशाह पालेराम हरियाणा, ताराचंद गुर्जर, मुकेश गुर्जर, निवास गुर्जर, संदीप यादव गुड़गांव, पूरणमल रतलाम, ग्राम पंचायत प्रशासक गजानंद गुर्जर, सीताराम यादव, कानाराम गुर्जर कालाकोटा, सांवताराम कसाना, डॉ सीताराम कसाना सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण मौजूद रहे। भागवत कथा में किया वाचन महायज्ञ में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा वाचक भोलाशंकर दास महाराज ने भागवत महात्म्य, शुक्र आगमन का चित्रण किया ।
कथा वाचक ने कहा कि भागवत कथा सुनने से पापों का नाश होता है वहीं मन की शांति, पितरों की शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है । इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को भागवत कथा सुननी चाहिए ।चिकित्सा शिविर आयोजित — महायज्ञ में चल रहे चिकित्सा शिविर में 200 लोगों का उपचार किया । टोडा के राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम महायज्ञ में अपनी सेवाएं दे रहे है । आयोजन में आए श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी ग्रहण की।