मैं जब जेल में था, वो भी एक तरह से लोकडाउन ही था-दिनेश एमएन
कोरोना एक मेहमान की तरह, हमें इसके साथ रहना होगा
चूरू,(पीयूष शर्मा)10 मई। एडीजी एसीबी आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन ने चूरू पुलिस, फिल्मस्थान व संप्रीति संस्थान के कम्यूनिटी पुलिसिंग पहल के तहत जारी ऑनलाइन सेशन श्रृंखला में चूरू पुलिस के फेसबुक पेज पर जिले की जनता के साथ लाइव जन संवाद किया।
उन्होंने इस मुहिम के लिए चूरू पुलिस की टीम और टीम की कप्तान एसपी चूरू तेजस्विनी गौतम का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने फेसबुक को कोरोना से लडऩे का हथियार बना दिया। कोरोना वायरस संक्रमण की चुनौती के दौरान किए गए प्रबंधन के लिए कलक्टर संदेश नायक व एसपी तेजस्वनी गौतम की सराहना कर कहा कि ये सबके लिए प्रेरणा की बात है। उन्होंने कहा कि कोरोना एक मेहमान की तरह है। हमें अभी इसके साथ रहना होगा। लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि मेहमान ज्यादा दिन तक नहीं रहता है। इसलिए यह मेहमान भी विदा हो जाएगा इस बात का विश्वास हमें रखना चाहिए। उन्होंने अपने निजी अनुभव के आधार पर आमजन को कोरोना लोकडाउन से जूझने के लिए उपयोगी टिप्स दिए। इसके अलावा बड़ी बेबाकी से अपने जेल में बिताए सात सालों की तुलना कोरोना लोकडाउन से की।
इस बहुचर्चित आईपीएस अधिकारी ने कहा जब वह जेल में थे। वो भी एक लोकडाउन ही था। कोरोना लोकडाउन में तो आप सबका परिवार साथ है। आप खाना खा सकते हैं। बातें कर सकते हैं। जो मन में आए वो कर सकते हैं। लेकिन बस घर के बाहर आजादी से नहीं घूम सकते। उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन में सभी को धैर्य और आत्मविश्वास रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को स्वयं के अनुभव से ही सीखना होगा। कोरोना लोकडाउन में हमें बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है । उन्होंने कहा लोकडाउन की शुरुआत बड़ी कठिन है। लेकिन हमें इस सच्चाई को स्वीकार करना होगा। सच को स्वीकार कर लेते हैं तो कोई समस्या नहीं होती। जीवन की कठिनाई और असफलता को स्वीकार करना चाहिए।
समस्याओं को कुछ हिस्सों में बांटें
दिनेश एमएन ने कहा कि सबसे पहले जो समस्या आपके सामने है उसे कुछ हिस्सों में बांट लेना चाहिए। फिर अपनी हेल्थ और फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए। उसके बाद परिस्थिति से निपटने पर मंथन शुरू करना चाहिए। मन को शांत रखना चाहिए। यही वो बातें हैं जो आपको लोकडाउन के दौरान सफलता दे सकती हैं। हमें एक टाइम टेबल के मुताबिक काम करना चाहिए। योगा और प्राणायाम से भी बहुत हद तक लोकडाउन का सामना करने में हमें सुविधा रहेगी। लोकडाउन के दौरान नींद नहीं आने की समस्या हो तो सोने से पहले दिमाग से नकारात्मक विचारों को दूर कर दें। मनुष्य को उसकी कल्पना ही सबसे अधिक कष्ट देती है। इसलिए हमें वर्तमान में जीना चाहिए। लोकडाउन में अनिश्चितता एक बड़ी समस्या होती है। इसलिए कभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोडऩा चाहिए।
मेरी सफलता का श्रेय पुलिस टीम को
आईपीएस अफसर दिनेश ने कहा कि बतौर पुलिस अधिकारी उनका जितना सम्मान है। जितनी भी सफलता उन्हें मिली। उसका सारा श्रेय वह अपनी पुलिस टीम को देते हैं। क्योंकि सभी योजनाओं को अंजाम देने में सिपाही से लेकर उच्च अधिकारी तक के अधिकारियों की एक टीम बनती है। इसलिए उन्हें जितनी भी सफलताएं मिली हैं। अपने सारे साथियों के बल पर मिली हैं। इसलिए वह सब भी सम्मान के अधिकारी हैं ।
चुनौती के सामने हमेशा खड़ी होती है राजस्थान पुलिस
एडीजे एसीबी दिनेश एमएन ने कहा कि राजस्थान के खून में ही सेना और पुलिस सेवाएं बसती है। यहां पर चुनौती को पूरा करना हमेशा से ही जोश और जुनून रहा है। राजस्थान पुलिस हमेशा चुनौतियों का सामना करती है। सफलतापूर्वक काम को अंजाम देती है। जैसा कि कोराना काल में राज्य की जनता अनुभव कर पा रही है।
किताबों को बनाएं अपना साथी
दिनेश एमएन ने कहा कि कोरोना काल में हम सभी को पढऩे की आदत को डालनी होगी। व्यक्ति अगर किताबों को अपना साथी बना ले तो यह कहावत हमेशा सच होती है कि किताब आपकी सबसे अच्छा साथी होती हैं। आप जो पढऩा चाहते हैं वह पढ़ें। यह पढ़ाई कोर्स की किताबों से बिल्कुल अलग होगी और आप को सुकून देगी।
एसीबी में करें भ्रष्टाचार की शिकायत, नाम गुप्त रहेगा
एसीबी एडीजी ने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने में जनता का सहयोग आवश्यक है। जनता को कहीं भी किसी भी तरह का भ्रष्टाचार अगर दिखता है तो वह गुप्त रूप से एसीबी में सूचित कर सकते हैं। या फिर एसीबी के दफ्तर आकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि शिकायतकर्ता का नाम हमेशा गुप्त ही रखा जाएगा। किसी भी तरीके से उसका नाम अखबार या सामाजिक तौर पर बाहर नहीं आएगा। उस व्यक्ति की सुरक्षा और गोपनीयता की जिम्मेदारी विभाग की होगी।