ग्राम पंचायत में पीन पीढियों से रह रहे है, फर्जी पट्टे अन्य के नाम जारी कर दिए
निसं
खेतड़ी नगर (नवयत्न) । पपुरना ग्राम पंचायत में करीब चालिस साल से रहे है लोगों की जमीन का पट्टा किसी और के नाम देने का मामला सामने आया है। पपुरना के वार्ड नंबर तीन पुरानी पानी टंकी के पास रहने वालों ने रविवार को पपुरना सरपंच बिमली देवी से अवैध पट्टे जारी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की। पपुरना ग्राम पंचायत की सरपंच बिमला देवी ने मामले को लेकर महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक विभाग राजस्थान जयपुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद झुंझुनूं,जिला कलेक्टर झुंझुनूं, जिला पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत पपुरना में हुये फर्जी पट्टा प्रकरण की जांच करवा कर दोषी लोगों के खिलाफ करवाई करने की मांग की। रहमत बानो, उल्फत बानो, माफिया बानो, नजमा बानो ने बताया कि तीन पडियों से वह से उनका परिवार यही रह रहा है, बिजली, पानी, राशन कार्ड सहित अन्य दस्तावेजों में भी वहीं का पता दर्ज है, उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनकी जगह के पट्टे किसी और के नाम पर चढ गए है जबकी वह तीन पीड़ियों से रह रहे है। इस संबंध में पपुरना प्रशासक बिमला देवी ने पत्र के मार्फत बताया कि ग्राम पंचायत में तत्कालीन ग्राम विकास जो 23 सितंबर से 2021 से 12 जून 2025 तक पदस्थापित रहा है।पदस्थापन के दौरान उक्त ग्राम विकास अधिकारी ने करीब 35-40 पट्टे ग्राम पंचायत में जारी किए। इस संबंध में 10 अप्रैल 2026 को ग्रामणों ने अवगत करवाया, ग्राम पंचायत तत्कालीन ग्राम विकास ने कुछ भूमि माफियाओं से मिलकर बुक संख्या 17 में पट्टा सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगाकर शैलेन्द्र कुमार के नाम से 6 पट्टे, अमित कुमार के नाम से 5 पट्टे, वसीम कुरेशी के नाम तीन पट्टे तथा इसी पट्टा बुक में से ग्राम पंचायत के बाहर के लोगों को भी पट्टे जारी कर दिए। तत्कालीन ग्राम विकास ने करीब 35 पट्टे जारी किए गए हैं, उक्त सभी पट्टों में हस्ताक्षर व मोहर फर्जी है। उक्त पट्टो का रिकॉर्ड ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड में कहीं भी दर्ज नही है, साथ ही जिनके नाम पर पट्टे जारी हुए उनकों लेकर पट्टा जारी करने के लिए ग्रामसभा में प्रस्ताव लिया जाता है उसमें भी कहीं कोई उल्लेख नहीं है। पत्र के मार्फत अवगत करवाया कि उक्त लोंगों को जो पट्टे जारी किए गए हैं, वह ग्राम पंचायत की कीमती आबादी भूमि है। इसमें ग्राम पंचायत के कई पौराणिक मंदिर भी स्थित है तथा मंदिर क्षेत्र की भी उक्त भूमि के आस पास कई परिवार तीन तीन पीढ़ियों से मकान बना कर रह रहे है, लेकिन उनके मकानों के भी दूसरों के नाम पर पट्टे जारी कर दिए गए हैं। उक्त सभी सभी फर्जी पट्टो का उपपंजीयक उप तहसील बबाई में भी मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर पंजीयन करवा लिया है। इस संबंध में प्रशासक बिमला देवी ने बताया कि तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ने अपने चेहतों को फायदा देने के व भु माफियों से मिल कर फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगा कर पट्टे जारी कर दिए लेकिन पट्टों का रिकॉर्ड ग्राम पंचायत उक्त पट्टो का कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। बिमला देवी ने बताया कि उक्त पट्टों की सत्य प्रतिलिपि उप पंजीयक कार्यालय बबाई से प्राप्त कर ली है। बिमला देवी ने कहा की तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी ने भु माफियों से मिल कर गरीबों की जमीन पर कब्जा करने की नियत से फर्जी तरीके से पट्टे आवंटित किए गए है। पट्टों की जांच के लिए सभी विभागों को पत्र लिखा गया है। इस मौके पर समाज सेवी संजय देव गुर्जर, उपसरपंच अंजनी गुप्ता, इकबाल कुरैशी, जाकिब हुसैन, नजमा बानो, सराजुद्दीन,, धर्मपाल, राजेंद्र सिंह निर्वाण, पुरुषोत्तम जांगिड़, दिलीप जांगिड़, बुलिया गुर्जर, राजकुमार, धर्मपाल पहलवान सहित आदि ग्रामीणों ने फर्जी पट्टे जारी करने वालों के खिलाफ जांच कर सख्त कार्यवाही करने की मांग की।